नई दिल्ली। परवल एक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद सब्जी है जिसे अधिकतर लोग खाना पसंद करते हैं। इसे घर के छोटे किचन गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है। घर पर परवल लगाने का पूरा तरीका यहां बताया गया है।परवल की खेती के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी से अप्रैल के बीच माना जाता है। इस समय मौसम गर्म होने लगता है, जो परवल की बेल के लिए उपयुक्त रहता है। कुछ जगहों पर बरसात के मौसम में भी परवल लगाया जाता है। परवल को बीज या बेल की कलम यानी कटिंग से लगाया जा सकता है। घर के गार्डन के लिए कटिंग वाला तरीका सबसे आसान और अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे पौधा जल्दी बढ़ता है और फल भी जल्दी मिलते हैं। एक स्वस्थ परवल की बेल से करीब 25-30 सेंटीमीटर लंबी कटिंग काट लें, जिसमें कम से कम 3-4 गांठें होनी चाहिए। इस कटिंग को मिट्टी में हल्का तिरछा लगाएं, ताकि दो गांठें मिट्टी के अंदर रहें।
परवल के लिए दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है, जिसमें पानी निकलने की व्यवस्था अच्छी हो। गमले में लगाने पर कम से कम 15 इंच का बड़ा गमला लें और मिट्टी में गोबर की खाद या कंपोस्ट अच्छे से मिला लें। परवल बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है। बांस की खूंटी लगाकर या जाली ट्रेलिस बनाकर बेल को उस पर चढ़ने दें, जिससे फल साफ-सुथरे और अच्छी क्वालिटी के मिलें। गर्मियों में हर 2-3 दिन में पानी दें और मिट्टी हल्की नम रखें। पौधे को रोजाना कम से कम 5-6 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए।हर 20-25 दिन में जैविक खाद जैसे वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद डालते रहें। फूल आने पर पोटाश की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें। पत्तियों पर कीड़े लगने पर नीम के तेल का स्प्रे करें। बेल लगाने के करीब 2-3 महीने बाद फल आना शुरू हो जाते हैं और एक बार बेल अच्छे से बढ़ जाए तो लंबे समय तक फल मिलते रहते हैं।
परवल लगाने का सही समय
विशेषज्ञों के अनुसार परवल की खेती के लिए फरवरी से अप्रैल का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो परवल की बेल के विकास के लिए अनुकूल होता है।
कुछ क्षेत्रों में किसान और बागवानी प्रेमी बरसात के मौसम में भी इसकी रोपाई करते हैं। हालांकि समय का चयन स्थानीय जलवायु और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार किया जाना चाहिए।
बीज नहीं, कटिंग से जल्दी तैयार होता है पौधा
परवल को बीज और बेल की कटिंग दोनों तरीकों से लगाया जा सकता है। लेकिन घर के किचन गार्डन के लिए कटिंग (कलम) से पौधा तैयार करना अधिक आसान और प्रभावी माना जाता है।
इसके लिए एक स्वस्थ और अच्छी तरह विकसित परवल की बेल से लगभग 25 से 30 सेंटीमीटर लंबी कटिंग लें। ध्यान रखें कि कटिंग में कम से कम 3 से 4 गांठें (Nodes) मौजूद हों। इसके बाद कटिंग को मिट्टी में हल्का तिरछा लगाएं, ताकि दो गांठें मिट्टी के अंदर रहें और बाकी हिस्सा बाहर रहे। इससे जड़ें जल्दी विकसित होती हैं और पौधे की बढ़वार तेज होती है।
आखिर में बता दे कि, परवल की खेती घर के छोटे किचन गार्डन, आंगन या बड़े गमले में आसानी से की जा सकती है। सही समय पर कटिंग लगाना, दोमट मिट्टी का उपयोग, बेल को उचित सहारा देना, नियमित सिंचाई, पर्याप्त धूप और जैविक खाद का प्रयोग इसकी सफलता की मुख्य कुंजी हैं। यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो कुछ ही महीनों में ताजे और पौष्टिक परवल की फसल प्राप्त की जा सकती है। घर पर परवल उगाना उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो सीमित जगह में भी ताजी सब्जियां उगाना चाहते हैं।
