नई दिल्ली।पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर अपडेट सामने आई है। इस बार कुछ किसानों के खाते में 2000 रुपये के बजाय सीधे 4000 रुपये ट्रांसफर होने जा रहे हैं। यह डबल फायदा उन किसानों को मिलेगा जिनकी पिछली किस्त तकनीकी खराबी, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या ई-केवाईसी न होने की वजह से अटक गई थी। जिन्होंने अब पोर्टल पर अपनी सारी डिटेल्स और गलतियां ठीक कर ली हैं, उनके खाते में पिछली बकाया किस्त 2000 रुपये और नई किस्त 2000 रुपये एक साथ भेजे जाएंगे।नए किसानों का आवेदन हाल ही में अप्रूव हुआ है और उनका पिछला बकाया भी क्लियर हुआ है तो वे भी 4000 रुपये की रकम हासिल कर सकेंगे। सरकार ने अपात्र लोगों को योजना की लिस्ट से बाहर निकालने और सही लोगों तक पैसा पहुंचाने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है।
जानकारी देते चले कि, किसानों को तीन जरूरी काम पूरे करने होंगे वरना किस्त का पैसा अटक सकता है। पहला है ई-केवाईसी पूरा करना, जिसे ओटीपी या सीएससी सेंटर पर बायोमेट्रिक से करवाया जा सकता है। दूसरा है भू-सत्यापन यानी लैंड सीडिंग, जिसमें जमीन का रिकॉर्ड बैंक और आधिकारिक पोर्टल से मैप होना चाहिए। तीसरा है बैंक अकाउंट आधार से लिंक और डीबीटी इनेबल्ड होना। अगर स्टेटस में इनमें से किसी भी विकल्प के आगे नो लिखा है तो किस्त रुक सकती है।अपना स्टेटस चेक करने के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। फार्मर्स कॉर्नर सेक्शन में नो योर स्टेटस पर क्लिक करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें। स्क्रीन पर ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार बैंक सीडिंग स्टेटस तीनों जगह यस लिखा होना चाहिए।
किन किसानों को मिल सकता है ₹4,000 का लाभ?
पीएम किसान योजना के तहत सामान्य तौर पर एक पात्र किसान परिवार को सालाना निर्धारित वित्तीय सहायता किस्तों में दी जाती है। यदि किसी किसान की पिछली किस्त किसी तकनीकी या सत्यापन संबंधी कारण से रुक गई थी और बाद में उस समस्या को दूर कर दिया गया है, तो बकाया भुगतान आगे की किस्त के साथ जारी किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी पात्र किसान को पिछली किस्त के समय ₹2,000 नहीं मिले थे और अब उसका रिकॉर्ड सही हो गया है, जबकि नई किस्त के लिए भी वह पात्र है, तो दोनों किस्तों का भुगतान एक साथ होने पर खाते में ₹4,000 आ सकते हैं।
इन वजहों से रुक सकती है पीएम किसान की किस्त
किसानों के लिए यह समझना जरूरी है कि योजना में केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं है। भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है। यदि किसी किसान के रिकॉर्ड में जरूरी जानकारी अधूरी है या किसी प्रक्रिया में समस्या है, तो भुगतान अटक सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में ई-केवाईसी, भूमि संबंधी सत्यापन और आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से डीबीटी भुगतान शामिल हैं। इसलिए किसानों को अपनी प्रोफाइल और स्टेटस की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए।
आखिर में बता दें कि, किसानों के लिए बेहतर होगा कि वे अगली किस्त का इंतजार करने के साथ-साथ अभी अपना ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन और आधार-बैंक सीडिंग स्टेटस जांच लें। रिकॉर्ड में किसी तरह की कमी है तो उसे समय रहते ठीक कराने से भुगतान संबंधी परेशानी कम की जा सकती है।
