पाकिस्तान। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मौत हो चुकी है। यह दावा सीनियर पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने किया है। एमी-नॉमिनेटेड पत्रकार वजाहत सईद खान ने कहा कि सेना के तीन वरिष्ठ सूत्रों ने उन्हें बताया कि उन्हें लगता है कि इमरान की जेल में मौत हो सकती है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में हालात तनावपूर्ण हैं।मंगलवार को इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सहयोगियों ने शिकायत की कि पूर्व प्रधानमंत्री की सेहत को लेकर चिंता के बावजूद उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पीटीआई नेता सोहेल अफरीदी ने दावा किया कि 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के युवाओं में पनप रहे गुस्से को संभालना मुश्किल हो सकता है, खासकर उस हाइब्रिड शासन के लिए जिसके मुखिया सीडीएफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।
इस कड़ी में हम आपको बता दें कि, पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने धमकी दी है कि अगर इमरान के परिवार और डॉक्टरों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई, तो वे उससे पहले भी विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। पाकिस्तानी सरकार पर देश के बाहर से भी दबाव बन रहा है। अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की हिरासत की स्थितियों का मुद्दा इस्लामाबाद के सामने उठाने को कहा है। पत्र में इमरान को लंबे समय तक अकेले कैद में रखने और उनकी सेहत से जुड़े आरोपों पर यूएन के स्पेशल रैपोर्टियर की चिंताओं का जिक्र किया गया है।पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं। वे 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी इसी मामले में जनवरी 2025 में सात साल की सजा सुनाई गई थी। दोनों ने अपनी सजा को चुनौती दी है। इमरान पर 9 मई 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले भी चल रहे हैं, जिनमें पीटीआई समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में सेना के ठिकानों पर हमले किए थे।
परिवार और PTI ने जताई चिंता
मंगलवार को इमरान खान के परिवार तथा PTI से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता होने के बावजूद उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पार्टी का कहना है कि परिवार और डॉक्टरों को इमरान खान की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उनसे मुलाकात करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनकी हिरासत पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। उनकी पार्टी लगातार उनकी रिहाई और बेहतर कानूनी तथा मानवीय परिस्थितियों की मांग करती रही है। अब उनकी कथित मौत से जुड़ा दावा सामने आने के बाद PTI समर्थकों और पार्टी नेतृत्व की चिंता और बढ़ गई है।
पाकिस्तान में बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
इमरान खान की कथित मौत से जुड़ा दावा ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान की राजनीति पहले से ही बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रही है। PTI और सरकार के बीच लंबे समय से टकराव बना हुआ है। इमरान खान के समर्थक उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं, जबकि सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से उनके खिलाफ कानूनी मामलों को न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
यदि इमरान खान की स्थिति को लेकर स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती है, तो अफवाहों और राजनीतिक अटकलों का दौर और तेज हो सकता है। ऐसे में पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन की ओर से पारदर्शी जानकारी सामने आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
