नई दिल्ली।अक्सर लोगों को लगता है कि कद्दू यानी सीताफल सिर्फ बड़े-बड़े खेतों में ही उगाया जा सकता है क्योंकि इसकी बेल बहुत लंबी फैलती है और फल काफी भारी-भरकम होते हैं। लेकिन सही प्लानिंग और तरीका अपनाएं तो छत या बालकनी में भी आसानी से मीठे और ताजे कद्दू उगाए जा सकते हैं। घर पर उगाए गए ऑर्गेनिक कद्दू का स्वाद बाजार की केमिकल वाली सब्जियों से अलग और लाजवाब होता है। यह पौधा बहुत तेजी से ग्रोथ पकड़ता है। बस शुरुआत में सही साइज का ग्रो बैग चुनना, बेल को ऊपर चढ़ाने का सहारा देना और फूलों का पॉलिनेशन कराना जरूरी होता है।
यहां हम आपको बता दें कि, घर पर कद्दू उगाने के लिए सही गमले का चुनाव सबसे पहली शर्त है। कद्दू की जड़ें तेजी से और गहराई में फैलती हैं इसलिए छोटे गमलों में अच्छे फल नहीं मिलते। कम से कम 18×18 या 24×24 इंच का बड़ा ग्रो बैग सबसे उपयुक्त रहता है। मिट्टी तैयार करते समय 40 प्रतिशत नॉर्मल गार्डन की मिट्टी, 40 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट व बालू रेत का मिक्स बनाएं। इसमें दो मुट्ठी नीम खली मिला दें ताकि जड़ों में फंगस या कीड़े न लगें। गमले की तली में दो-तीन ड्रेनेज होल जरूर रखें जिससे अतिरिक्त पानी तुरंत बाहर निकल जाए।
जानकारी देते चले कि, कद्दू बेल वाला पौधा है जो फर्श पर फैलने पर बहुत जगह घेर लेता है। छत पर स्पेस बचाने के लिए वर्टिकल गार्डनिंग बेहतर तरीका है। पौधा एक-दो फीट का होने पर बांस की लकड़ियों और मजबूत रस्सी के सहारे उसे दीवार पर चढ़ा दें। ऊपर चढ़ाने से पत्तों को अच्छी धूप और हवा मिलती है जिससे बीमारियों का खतरा घट जाता है। कद्दू को दिन भर में कम से कम छह से सात घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है इसलिए गमले को हमेशा खुली जगह पर रखें। फल का साइज बड़ा होने पर उसे नेट की जाली से बांधकर सपोर्ट दें ताकि टहनी न टूटे।
अक्सर छोटे कद्दू बनने से पहले ही पीले होकर गिर जाते हैं जिसकी मुख्य वजह पॉलिनेशन की कमी होती है। अगर बालकनी में मधुमक्खियां कम आती हैं तो हैंड पॉलिनेशन करना होगा। सुबह के समय नर फूल तोड़कर उसकी पंखुड़ियां हटा लें और उसके बीच वाले हिस्से को मादा फूल के सेंटर पर हल्के से टच करा दें। हर 15 से 20 दिन में पौधे की हल्की गुड़ाई करके एक मुट्ठी कंपोस्ट या सरसों की खली का लिक्विड फर्टिलाइजर जड़ों में डालें। पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे। इन बातों का ध्यान रखकर घर पर ही ढेरों कद्दू पाए जा सकते हैं।
