नई दिल्ली। खेती में किसानों के लिए अच्छे बीज, खाद और कीटनाशकों के अलावा खेत की जुताई, बुवाई, कटाई और ढुलाई जैसे कामों में ट्रैक्टर भी बहुत अहम होता है। नया ट्रैक्टर खरीदना किसानों के लिए एक बड़ा निवेश माना जाता है। इसलिए ट्रैक्टर की बुकिंग से पहले डीलर से ऑन रोड कीमत, फीचर्स, वारंटी, सर्विस, स्पेयर पार्ट्स और फाइनेंस से जुड़ी जानकारी पहले ही पता करना सही रहता है।
यहां यह बता दें कि, सबसे पहले डीलर से ट्रैक्टर की पूरी ऑन रोड कीमत पूछें। एक्स शोरूम कीमत के बाद बीमा, रजिस्ट्रेशन, टैक्स, डिलीवरी और दूसरे चार्ज जुड़ने से फाइनल कीमत बदल सकती है। इसलिए लिखित कोटेशन जरूर लें। मॉडल के फीचर्स जैसे इंजन पावर, गियरबॉक्स, हाइड्रोलिक क्षमता, पीटीओ और लिफ्टिंग कैपेसिटी के बारे में भी सवाल करें। अगर ट्रैक्टर लोन पर लेना है तो इंटरेस्ट रेट, डाउन पेमेंट, लोन का टेन्योर, प्रोसेसिंग फीस और टोटल पेमेंट की जानकारी पहले लें। सिर्फ कम ईएमआई देखकर फैसला करना सही नहीं है क्योंकि लंबे टेन्योर में कुल भुगतान ज्यादा हो सकता है।
इस संबंध में वारंटी की जानकारी लेना भी जरूरी है। डीलर से पूछें कि वारंटी कितने साल या कितने घंटे की है। इंजन, गियरबॉक्स और दूसरे बड़े पार्ट्स पर अलग नियम हैं या नहीं, यह भी समझ लें। वारंटी में क्या शामिल है और किन चीजों की जिम्मेदारी कंपनी नहीं लेती, इसकी जानकारी लिखित दस्तावेज में देखें। पहली सर्विस कब होगी और उसके बाद कितने समय या घंटे के अंतर पर सर्विस करानी होगी, यह भी पूछें। नार्मल सर्विस में इंजन ऑयल, फिल्टर आदि पर कितना खर्च आ सकता है, इसका अंदाजा लें। अपने इलाके में कंपनी का अधिकृत सर्विस सेंटर कहां है और खराबी आने पर मदद कितनी जल्दी मिल सकती है, यह भी पता कर लें।
आखिर में बता दें कि, ट्रैक्टर लेने से पहले उसकी टेस्ट ड्राइव जरूर लें। खेत में चलाकर गियर, क्लच, ब्रेक, स्टीयरिंग और हाइड्रोलिक सिस्टम की सही जानकारी मिलती है। अपने कृषि उपकरणों जैसे रोटावेटर, कल्टीवेटर, हल, सीड ड्रिल और ट्रॉली के साथ ट्रैक्टर सही तरीके से काम करेगा या नहीं, इसके लिए पीटीओ और हाइड्रोलिक लिफ्टिंग कैपेसिटी की जानकारी लें। स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और कीमत भी पूछें। कई डीलरशिप डिस्काउंट ऑफर करते हैं। दो-तीन डीलर्स के पास जाकर सारी बातें कंपेयर करें और जल्दबाजी न करें।
