नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य एक मजबूत नींव पर खड़ा है। पिछले 12 सालों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, यह लक्ष्य उसी का परिणाम है। सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई समय देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब देश रुक नहीं सकता और विकास की गति थम नहीं सकती।
इस दौरान पीएम मोदी ने युवाओं के लिए घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था की शुरुआत भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना बढ़ा है, खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना बढ़ा है, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा है और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना है। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग में कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल के वैश्विक मानकों पर खरा उतरना होगा। डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर चिप्स की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आज के डिजिटल और टेक्नोलॉजी के दौर में ये बहुत जरूरी हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान, मेडिकल उपकरण और ट्रांसपोर्ट सिस्टम हर जगह इनका इस्तेमाल होता है। देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट लगाए जा चुके हैं और इनमें एक्सपोर्ट के लिए उत्पादन भी शुरू हो गया है। आने वाले सात-आठ सालों में पांच से आठ नए प्लांट पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
इस कड़ी में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। हमें अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है और अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है जब वह अपने सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि वे सोच को विस्तार देते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि महिलाओं के सम्मान में आगे आएं और महिला आरक्षण लागू करके माताओं-बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले।
एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग दी जाएगी। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में AI का महत्व लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का उद्देश्य उन्हें भविष्य की नौकरियों और नई तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
AI का इस्तेमाल आज शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, वित्त, कृषि, संचार और कई अन्य क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए AI स्किल्स रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही। इससे उन विद्यार्थियों को मदद मिल सकती है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधाएं अपने आसपास उपलब्ध नहीं होतीं।
मैन्युफैक्चरिंग में कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत को मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दुनिया के मानकों पर खरा उतरना होगा। इसके लिए कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल तीनों मोर्चों पर प्रतिस्पर्धी क्षमता विकसित करना जरूरी है।
कॉस्ट का मतलब है कि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध हों। क्वालिटी यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों, जबकि स्केल के जरिए बड़ी मात्रा में उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। इन तीनों क्षेत्रों में मजबूती भारत को वैश्विक कंपनियों और सप्लाई चेन के लिए अधिक आकर्षक केंद्र बना सकती है।
आने वाले वर्षों में इन प्रयासों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत कितनी तेजी से कौशल विकास, शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और औद्योगिक उत्पादन को एक साथ आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए युवा शक्ति, तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और महिलाओं की व्यापक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण आधार बनाना होगा।
