नई दिल्ली। किसान अब यूट्यूब के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। अपने खेती के अनुभव का इस्तेमाल करके बिना किसी महंगे सेटअप के सिर्फ स्मार्टफोन से चैनल शुरू करके लाखों कमाए जा सकते हैं। पहले किसानों को फसलों को लेकर सलाह या सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए कृषि विशेषज्ञों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन स्मार्टफोन और सस्ते डेटा ने खेती में डिजिटल क्रांति ला दी है। आज बुवाई की तारीख, कीट का इलाज या मंडी के भाव जानने के लिए किसान सीधे यूट्यूब का सहारा ले रहे हैं।
यहां यह बता दें कि, इसी बदलाव ने एग्री-कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़ा बाजार खोल दिया है। खेती-किसानी की सही जानकारी रखने वाले और सरल शब्दों में बात समझा सकने वाले व्यक्ति के लिए यूट्यूब कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है। चैनल शुरू करते समय सब कुछ एक साथ न बताएं। जैविक खेती, पशुपालन, सब्जियों की उन्नत किस्में या सरकारी योजनाओं जैसे किसी एक विषय को चुनें। किताबी ज्ञान की जगह खेत में खड़े होकर आम भाषा में बात करें। फसल की तैयारी से कटाई तक का तरीका कैमरे पर दिखाएं और नए प्रयोगों का अनुभव साझा करें। मोबाइल रिकॉर्डिंग में आवाज साफ रखने के लिए बेसिक कॉलर माइक का इस्तेमाल करें। थंबनेल साफ रखें और दी गई जानकारी पूरी तरह सही तथा आजमाई हुई होनी चाहिए।
वही .यह भी बता दें कि, चैनल पर दर्शक जुड़ने के बाद कमाई के कई रास्ते खुलते हैं। यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के जरिए विज्ञापनों से व्यूज के आधार पर आय होती है। एग्री-चैनलों की बड़ी कमाई स्पॉन्सरशिप और ब्रांड प्रमोशन से आती है। खाद-बीज निर्माता, ट्रैक्टर कंपनियां, ड्रिप सिस्टम और सोलर पंप जैसे ब्रांड अपने उत्पादों के प्रचार के लिए क्रिएटर्स से संपर्क करते हैं। कृषि उपकरणों या ऑर्गेनिक उत्पादों के एफिलिएट लिंक डिस्क्रिप्शन में देकर कमीशन कमाया जा सकता है। चैनल बड़ा होने पर ऑनलाइन कंसल्टेंसी, ट्रेनिंग प्रोग्राम या देसी बीज और वर्मीकंपोस्ट बेचकर भी कमाई बढ़ाई जा सकती है।
आखिर में जानकारी देते चले कि, सलाखों की कमाई के लिए नियमितता जरूरी है। लगातार वीडियो डालें। शुरुआत में कम व्यूज आने पर परेशान न हों, बल्कि दर्शकों की जरूरत समझें। मौसम के हिसाब से कंटेंट प्लान करें। खरीफ में धान और कपास तथा रबी में गेहूं और सरसों पर फोकस रखें। मंडी भाव और नई सरकारी योजनाओं पर तुरंत सटीक अपडेट ज्यादा व्यूज दिलाते हैं। हर हफ्ते तय समय पर वीडियो अपलोड करने का नियम बनाएं। जैसे-जैसे कंटेंट पर भरोसा बढ़ेगा, सब्सक्राइबर्स और कमाई दोनों बढ़ेंगे।
