नई दिल्ली। भारत की राजधानी में चल रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए विवादास्पद विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक तापमान को तेजी से बढ़ा दिया है। शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने चार प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों को शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां दिल्ली पुलिस ने उनसे 5 दिन की रिमांड मांगी है। यह घटना न केवल समिट की गरिमा पर सवाल उठा रही है, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी का कारण भी बन गई है।
इस संबंध में यहां हम आपको बता दें कि, भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच था, जिसमें भारत की AI क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जा रहा था। इस समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सीईओ सैम अल्टमैन जैसे वैश्विक टेक लीडर्स, विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, शोधकर्ता और निवेशक शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दृष्टि रखी थी। समिट का मुख्य फोकस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, AI इनोवेशन, निवेश और राष्ट्रीय सुरक्षा पर था।
गौर करने वाली बात यह है कि, प्रदर्शन की योजना पहले से तैयार थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने शुरू में काले छाते पर प्रिंटेड स्टिकर लगाकर मंडपम में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा जांच में पकड़े जाने की आशंका से उन्होंने प्लान बदल दिया और टी-शर्ट पर स्टिकर चिपकाए। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला। दिल्ली पुलिस ने उन्हें तिलक मार्ग पुलिस थाने ले जाकर पूछताछ की। हाथापाई के दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला होने का आरोप लगा।
वही, यह भी जानना अति आवश्शयक हैं कि, निवार को पटियाला हाउस कोर्ट में इन चारों को पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से 5 दिन की पुलिस रिमांड मांगी ताकि गहन पूछताछ की जा सके और साजिश के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके। कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपियों ने अपना पक्ष रखा, लेकिन पुलिस की ओर से रिमांड की मांग मजबूत थी। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, क्योंकि बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की गरिमा को प्रभावित करते हैं। AI जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भारत की छवि मजबूत बनाने के प्रयासों पर यह एक धक्का साबित हो सकता है। पुलिस जांच से साजिश के अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल, कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण होगा कि क्या रिमांड मिलती है या आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है।
अंत में बता दें कि, यह मामला राजनीतिक दलों के बीच युवा मुद्दों, बेरोजगारी और विदेश नीति पर बहस को और तेज करेगा। आने वाले दिनों में और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
