कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने हुमायूं कबीर की AJUP पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है। यह गठबंधन मात्र 14 दिनों पहले घोषित किया गया था। टीएमसी द्वारा जारी एक विवादित स्टिंग वीडियो के बाद AIMIM ने यह फैसला लिया।टीएमसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर के कथित बयान शामिल हैं। वीडियो में उन्हें मुसलमानों के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करते और भाजपा के साथ 1000 करोड़ रुपये की कथित डील का जिक्र करते दिखाया गया है। इसमें 200 करोड़ रुपये की अग्रिम फंडिंग और अल्पसंख्यक वोटों को टीएमसी से दूर करने की रणनीति का भी उल्लेख है। टीएमसी ने वीडियो के दावों की जांच के लिए ईडी से मांग की है।
AIMIM ने वीडियो में आए बयानों को मुसलमानों की गरिमा और ईमानदारी पर सवाल उठाने वाला बताते हुए गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया। पार्टी ने कहा कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं, यह दिखता है और AIMIM किसी भी ऐसे बयान के साथ नहीं खड़ी हो सकती। अब AIMIM पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और आगे किसी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी।हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई-जनरेटेड और फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने टीएमसी पर साजिश का आरोप लगाया और कहा कि अगर सबूत हैं तो दिखाए जाएं। कबीर ने मानहानि का मुकदमा दायर करने की धमकी दी है। गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को पिछले साल टीएमसी से निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने AJUP पार्टी बनाई थी।
स्टिंग वीडियो से मचा राजनीतिक बवाल
पूरा विवाद Trinamool Congress (टीएमसी) द्वारा जारी किए गए एक स्टिंग वीडियो से शुरू हुआ। टीएमसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह वीडियो सार्वजनिक किया, जिसमें हुमायूं कबीर के कथित बयान शामिल बताए गए हैं।
वीडियो में कथित तौर पर कबीर को मुसलमानों के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। साथ ही इसमें भाजपा के साथ कथित तौर पर 1000 करोड़ रुपये की डील का जिक्र भी किया गया है। इस कथित सौदे में 200 करोड़ रुपये की अग्रिम फंडिंग और अल्पसंख्यक वोटों को टीएमसी से दूर करने की रणनीति का भी उल्लेख बताया गया है।
टीएमसी ने इन गंभीर आरोपों के आधार पर मामले की जांच की मांग की है और Enforcement Directorate (ईडी) से हस्तक्षेप करने को कहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को अचानक गर्मा दिया है और चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
AIMIM का कड़ा रुख
स्टिंग वीडियो सामने आने के तुरंत बाद AIMIM ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि वीडियो में जो बातें सामने आई हैं, वे मुसलमानों की गरिमा और ईमानदारी पर सवाल उठाती हैं।
AIMIM के नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे बयान या विचारधारा के साथ नहीं खड़ी हो सकती, जो अल्पसंख्यक समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाए। इसी कारण पार्टी ने AJUP के साथ अपना गठबंधन समाप्त करने का फैसला लिया।
पार्टी ने यह भी घोषणा की कि अब वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और फिलहाल किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले को AIMIM की रणनीतिक मजबूरी और नैतिक रुख—दोनों के रूप में देखा जा रहा है।
