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समाचार मिर्ची

अमेरिका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार को पूर्वी प्रशांत महासागर (Eastern Pacific Ocean) में अमेरिकी सेना ने चार नौकाओं पर बमबारी की, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन “ड्रग तस्करी को रोकने” के लिए किया गया था। हालांकि इस दावे पर अब कई कानूनी विशेषज्ञों और अमेरिकी सांसदों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

कानून का उल्लंघन है
अमेरिका के पूर्व नौसैनिक वकील एडवर्ड मिलर ने कहा,

“किसी लक्ष्य पर हमला करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह असल में खतरनाक है। बिना पुष्टि के की गई कार्रवाई को ‘गैर-कानूनी हत्या’ माना जा सकता है।”

उनका यह भी कहना है कि ऐसे सैन्य अभियानों के लिए अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस (Congress) की मंजूरी जरूरी होती है, क्योंकि यह एकतरफा सैन्य कार्रवाई है जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई।

अमेरिकी दावा: ड्रग तस्कर थे निशाने पर

अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने बताया कि चार नावें संदिग्ध थीं और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार वे ड्रग्स की अवैध खेप लेकर जा रही थीं। इसी आधार पर अमेरिकी नौसेना ने उन्हें निशाना बनाया।
हमले में 14 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जीवित बच गया। उसे पास के क्षेत्र से मेक्सिको की कोस्ट गार्ड टीम ने रेस्क्यू किया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ड्रग तस्करी के खिलाफ अमेरिकी मुहिम

पिछले कुछ महीनों से अमेरिका ने ड्रग्स तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 57 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह लड़ाई “वैश्विक ड्रग नेटवर्क” के खिलाफ है, जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बन चुका है।

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना अमेरिका की विदेश नीति और मानवाधिकार छवि पर असर डाल सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के कुछ सदस्य देशों ने कहा है कि अमेरिका को अपने “एकतरफा सैन्य हस्तक्षेप” की नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।

अमेरिकी दावा: ड्रग तस्कर थे निशाने पर

अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने बताया कि चार नावें संदिग्ध थीं और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार वे ड्रग्स की अवैध खेप लेकर जा रही थीं। इसी आधार पर अमेरिकी नौसेना ने उन्हें निशाना बनाया।
हमले में 14 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जीवित बच गया। उसे पास के क्षेत्र से मेक्सिको की कोस्ट गार्ड टीम ने रेस्क्यू किया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बता दें कि, इस पूरे प्रकरण से एक बार फिर सवाल उठता है — क्या सुरक्षा के नाम पर की गई कार्रवाई को कानून से ऊपर रखा जा सकता है? फिलहाल, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन कांग्रेस के कई नेता इसपर स्वतंत्र न्यायिक जांच (Independent Inquiry) की मांग कर रहे हैं।

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