कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रविवार को पार्टी के विदेश विभाग (डीएफए) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने साफ लिखा कि यह निर्णय उन्होंने विभाग के पुनर्गठन और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लिया है। शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी में नई ऊर्जा और ताज़ा दृष्टिकोण लाने के लिए अब युवा नेतृत्व की आवश्यकता है।
वही, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को संबोधित करते हुए त्यागपत्र में लिखा,”मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, मैं विदेश विभाग (डीएफए) के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं ताकि इसका पुनर्गठन हो सके।” बता दें कि आनंद शर्मा कांग्रेस के सदस्य बने हुए हैं।
बता दें कि, आनंद शर्मा का राजनीतिक और कूटनीतिक करियर कई ऐतिहासिक पलों से जुड़ा रहा है। उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की वार्ता में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जो 2008 में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का अहम मोड़ साबित हुआ।
इसके अलावा उन्होंने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत के लिए ‘विशेष छूट’ की वकालत की, जिससे भारत को असैन्य परमाणु व्यापार में प्रवेश मिला।