नई दिल्ली। आशा भोसले ने अपनी अलग पहचान बनाते हुए बॉलीवुड से इंडिपॉप तक राज किया। 60 के दशक से लेकर 2024 तक उन्होंने कई हीरोइनों को अपनी आवाज दी। उन्होंने हर दौर की हीरोइन के लिए खुद में बदलाव किए और ‘जानम समझा करो’ जैसे एल्बम से पॉप म्यूजिक को नई दिशा दी।
आशा भोसले ने एक बार कहा था कि उनकी आवाज लता मंगेशकर से काफी मिलती-जुलती थी, इसलिए उन्होंने लता दीदी की नकल कभी नहीं की। यही फैसला उन्हें सबसे अलग बनाता है। उनकी आवाज ने समय के साथ खुद को बदला लेकिन चमक कभी कम नहीं होने दी। 60 के दशक की मासूमियत, 70-80 के दौर की चुलबुली अदाएं या 90 के दशक का मॉडर्न अंदाज—आशा भोसले ने हर हीरोइन को अपनी आवाज दी।
उनकी आवाज ने ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘इन आंखों की मस्ती’ और ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसे गानों में स्क्रीन पर किरदारों को जिंदा कर दिया। उन्होंने कैबरे और वेस्टर्न स्टाइल गानों में पहचान बनाई, वहीं भजन, गजल और क्लासिकल गानों में भी गहराई दिखाई।
आशा भोसले का सबसे खास जुड़ाव हेलेन के डांस नंबर्स के साथ रहा। हेलेन के लिए उन्होंने फिल्म ‘कारवां’ (1971) का ‘पिया तू अब तो आजा’ गाया। रेखा के साथ गजल और क्लासिकल टच वाले गानों में उनकी आवाज याद की जाती है। जीनत अमान के लिए मॉडर्न और बोल्ड गाने उन्होंने गाए। बाद में करीना कपूर समेत कई नई हीरोइनों को भी उन्होंने अपनी आवाज दी।
90 के दशक में आशा भोसले ने इंडिपॉप की ओर रुख किया। उनका एल्बम ‘जानम समझा करो’ (1997) युवाओं के बीच जबरदस्त हिट रहा। ‘आशा एंड फ्रेंड्स’ और ‘यू हैव स्टोलेन माय हार्ट’ जैसे प्रोजेक्ट्स ने उन्हें ग्लोबल स्तर पर भी पहचान दिलाई। उनकी वर्सेटिलिटी ने इंडिपॉप को नई दिशा दी।
