मुंबई। प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। 11 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोंसले ने बताया कि उन्हें चेस्ट इन्फेक्शन था।
12 अप्रैल को उनका निधन हो गया। आशा भोंसले को ‘सुरों की मल्लिका’ और प्यार से ‘आशा ताई’ कहा जाता था। उनके निधन से संगीत जगत और बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई।आशा भोंसले को उनके निवास पर अंतिम विदाई दी गई। संगीतकार ए.आर. रहमान सहित कई बॉलीवुड हस्तियां वहां पहुंचीं। ए.आर. रहमान को बेहद भावुक और गमगीन देखा गया। उनके चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था।एक्टर मिलिंद सोमन भी आंसू नहीं रोक पाए। एएनआई से बात करते हुए वे फूट-फूट कर रो पड़े। अदनान सामी ने उन्हें अपनी ‘सुरों वाली मां’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इन आंखों की मस्ती का नूर आज बुझ गया।” प्रियंका चोपड़ा ने भी इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग जीवन और यादों का हिस्सा बन जाते हैं, जिनके जाने से बचपन का कोई कीमती पल खोने जैसा लगता है।
अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
आशा भोंसले के निधन के बाद उनके मुंबई स्थित निवास पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बॉलीवुड और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान वे बेहद भावुक नजर आए और उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा था। अभिनेता मिलिंद सोमन भी अपने आंसू नहीं रोक पाए और मीडिया से बात करते हुए फूट-फूट कर रो पड़े।
गायक अदनान सामी ने उन्हें अपनी “सुरों वाली मां” बताया और सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “इन आंखों की मस्ती का नूर आज बुझ गया।” वहीं अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कुछ लोग हमारे जीवन का हिस्सा बन जाते हैं, जिनके जाने से बचपन की अनमोल यादें भी खो जाती हैं।
संगीत यात्रा: एक युग का अंत
आशा भोंसले का करियर भारतीय संगीत इतिहास के सबसे लंबे और सफल करियरों में से एक रहा। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और कई अन्य भाषाओं में हजारों गीत गाए। उनकी आवाज में एक अनोखी मिठास, विविधता और भावनात्मक गहराई थी, जिसने हर पीढ़ी को प्रभावित किया।
उनकी गायकी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे हर तरह के गीतों में खुद को ढाल लेती थीं—चाहे वह शास्त्रीय संगीत हो, गजल, पॉप, रोमांटिक गीत या फिर आइटम सॉन्ग।
