Skip to main content

समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।भारत में खेती अब धीरे-धीरे पारंपरिक तरीकों से निकलकर आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ रही है। बढ़ती लागत, घटती जमीन और मौसम की अनिश्चितता के बीच किसान ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जिनसे कम खर्च में ज्यादा उत्पादन और बेहतर मुनाफा हासिल किया जा सके। इसी दिशा में बांस के स्ट्रक्चर पर आधारित खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह तकनीक खासतौर पर बेल वाली सब्जियों की खेती के लिए बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस विधि से कम जमीन में पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक उत्पादन लिया जा सकता है।

जानकारी देते चले कि, किसान कम पैसे और कम जमीन में ज्यादा उत्पादन पाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते हैं। इनमें एक प्रचलित तरीका बांस का स्ट्रक्चर बनाकर सब्जियां उगाना है। इस विधि में खेत में बांस का उपयोग करके मजबूत ढांचा तैयार किया जाता है, जिस पर लौकी, करेला, खीरा और तोरई जैसी बेल वाली सब्जियां उगाई जाती हैं। इससे पौधे जमीन पर नहीं फैलते और फल-सब्जियां जमीन से ऊपर रहती हैं। इस कारण कम जगह में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक लाभ होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बांस स्ट्रक्चर वाली खेती में प्रति एकड़ उत्पादन सामान्य खेती से कई गुना अधिक हो सकता है। बेल वाली सब्जियां ऊपर की ओर बढ़ने से खेत की जगह का पूरा उपयोग होता है और ये प्राकृतिक रूप से बड़ी वजनदार होती हैं। किसान साल भर अलग-अलग सब्जियां उगा सकते हैं। इस तरीके में पानी की खपत भी कम होती है, जिससे लागत घटती है। कई राज्यों में किसान इस तकनीक से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version