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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा प्रस्तावित नियमों को घरेलू क्रिकेट में लागू करने का फैसला किया है। ये नियम आने वाले घरेलू सीजन में लागू होंगे। BCCI ने इन नियमों की प्रतियां सभी राज्य संघों को भेज दी हैं ताकि घरेलू सीजन बिना किसी भ्रम के आयोजित किया जा सके।

इन बदलावों में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दिन का आखिरी ओवर पूरा करना जरूरी होगा, भले ही विकेट गिर जाए। पहले अंपायर ऐसी स्थिति में खेल खत्म कर देते थे। बल्लेबाजों द्वारा जानबूझकर कम रन लेने पर फील्डिंग टीम के कप्तान को अगली गेंद पर स्ट्राइकर चुनने का अधिकार होगा।

घरेलू क्रिकेट में क्यों किए गए बदलाव?

क्रिकेट के नियम समय-समय पर खेल की बदलती परिस्थितियों के अनुसार संशोधित किए जाते हैं। MCC, जो क्रिकेट के नियमों का संरक्षक संस्थान माना जाता है, समय-समय पर कानूनों में बदलाव करता है। BCCI ने इन्हीं संशोधित नियमों को भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनाने का निर्णय लिया है ताकि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू नियमों के अनुरूप पहले से तैयार रह सकें।

घरेलू क्रिकेट भारतीय खिलाड़ियों के विकास का सबसे महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। ऐसे में नए नियमों को लागू करने का उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक क्रिकेट के अनुरूप तैयार करना और मैच संचालन को अधिक पारदर्शी बनाना है।

चलते चलते बताते चले कि, वनडे और टी20 में लेग साइड वाइड को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। वनडे मैचों के दौरान टीम के हेड कोच ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर आ सकेंगे। गेंद को डैड घोषित करने के नियम में बदलाव हुआ है। अब गेंद फील्डर के पास या मैदान पर गिरी हुई होने पर भी डैड मानी जाएगी।सभी फील्डरों को गेंद फेंके जाने के समय बाउंड्री के अंदर होना जरूरी होगा। विकेटकीपर को गेंद फेंके जाने के समय विकेट के पीछे होना होगा। विकेटकीपर पर रन-अप के दौरान दस्ताने आगे रखने पर अब जुर्माना नहीं लगेगा। ये बदलाव रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी सहित विभिन्न घरेलू टूर्नामेंट्स में लागू होंगे।

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