पटना। नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठन आइसा और राष्ट्रीय युवा आंदोलन के समर्थकों ने पटना में जोरदार प्रदर्शन किया। रामगुलाम चौक के पास प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए। उनके समर्थन में तेज प्रताप यादव भी पहुंचे और तिरंगा लहराया। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
हम आपको यहां बता दें कि, प्रदर्शनकारी तमाम पहरेदारी के बावजूद डाकबंगला चौराहा पहुंच गए और उग्र प्रदर्शन किया। वहां स्थिति बेकाबू होते देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। बताया जाता है कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और बड़ी-बड़ी ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं। पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी उपद्रव करेंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी देते चले कि, बिहार बंद को देखते हुए राज्यभर में 70 हजार जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ और सीआईएसएफ जवानों को भी तैनात किया गया है। कई जिलों के स्कूल एहतियातन बंद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा फोकस पटना के अलावा जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय समेत 10 जिलों पर है।
रामगुलाम चौक से शुरू हुआ प्रदर्शन
बिहार बंद के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पटना के विभिन्न इलाकों में जुटे। रामगुलाम चौक के पास कुछ प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे वहां मौजूद लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने मौके पर तिरंगा लहराकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। हालांकि कुछ समय बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच वहां से ले जाया गया।
बिहार बंद के दौरान सामने आई घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि बड़े जनआंदोलनों के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है। आने वाले समय में प्रशासनिक कार्रवाई, आंदोलनकारी संगठनों की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
