पटना। बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना को समुद्री मार्ग के जरिए दुबई भेजा गया है। कुल 2 मीट्रिक टन मखाना के इस निर्यात को न केवल राज्य के लिए, बल्कि देश के कृषि निर्यात परिदृश्य में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस पहल से बिहार के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बुधवार को एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने की। समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई निर्यात बिहार के किसानों की मेहनत और राज्य सरकार की कृषि-निर्यात नीति की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों के लिए नए अवसर खोलेगी और मखाना उत्पादकों को वैश्विक पहचान दिलाएगी।
बिहार ने पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का 2 मीट्रिक टन समुद्री मार्ग से दुबई निर्यात किया है। बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब तक मखाना का निर्यात सीमित मात्रा में और अधिकतर हवाई मार्ग से किया जाता रहा है, जिससे लागत अधिक आती थी। लेकिन समुद्री मार्ग से दुबई निर्यात ने लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करने और बड़े पैमाने पर निर्यात की संभावनाओं को खोल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले समय में मखाना निर्यात की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
वही, दुबई और खाड़ी देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों, खासकर हेल्दी स्नैक्स और ऑर्गेनिक फूड की मांग तेजी से बढ़ रही है। मखाना इस मांग के अनुरूप एक आदर्श उत्पाद है। जानकारों का कहना है कि यदि गुणवत्ता और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखा गया, तो आने वाले वर्षों में बिहार का मखाना मिडिल ईस्ट के बाजार में मजबूत जगह बना सकता है।
