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पटना। बिहार में मतदाता सूची संशोधन (Voter List Revision) को लेकर पटना से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक इसी बात का शोर है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ सांसद गिरधारी यादव ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची के संशोधन के लिए अपनाई गई SIR प्रक्रिया (Special Intensive Revision) को न केवल अव्यावहारिक बताया बल्कि इसे बिहार के लाखों प्रवासी मतदाताओं के साथ अन्याय बताया है।

बिहार में मतदाता सूची संशोधन को लेकर जेडीयू सांसद गिरधारी यादव ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आयोग को बिहार के इतिहास और भूगोल का ज्ञान नहीं है। यादव ने SIR प्रक्रिया को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि प्रवासियों के लिए यह मुश्किल है और इसके लिए कम से कम छह महीने का समय मिलना चाहिए था।

वही, गिरधारी यादव ने चुनाव आयोग की मंशा और तैयारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग को बिहार की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी नहीं है। यादव के मुताबिक बिहार से बड़ी संख्या में लोग रोज़गार के लिए बाहर रहते हैं, और उनके लिए इतनी जल्दी दस्तावेज़ उपलब्ध कराना और संशोधन प्रक्रिया में भाग लेना लगभग असंभव है।

बता दें कि, गिरधारी यादव का यह बयान उनकी अपनी पार्टी, जेडीयू, की मौजूदा लाइन के खिलाफ माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई खुलकर विरोध दर्ज नहीं कराया गया था। हालांकि गिरधारी यादव ने साफ किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार नहीं बल्कि ज़मीनी हकीकत है। उन्होंने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि का काम जनता की आवाज़ उठाना होता है, चाहे वह पार्टी को पसंद आए या न आए।

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