नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के नौवें दिन भी विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। सोमवार को सदन शुरू होते ही कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष मुख्य रूप से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिए जाने के मुद्दे पर आक्रोशित है और अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुट गया है। यह घटनाक्रम संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती तनातनी को दर्शाता है, जहां बजट चर्चा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस की बजाय गतिरोध प्रमुख हो गया है।
कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा
लोकसभा की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी को बोलने दो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विपक्ष का आरोप है कि सदन में उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सांसदों ने वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
चलते चलते जानकारी दे दें कि, हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में सभी को नियमों के तहत बोलने का अधिकार है, लेकिन नारेबाजी और गतिरोध के लिए संसद नहीं है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और चर्चा के जरिए अपनी बात रखें।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में संसद का माहौल और गर्मा सकता है। अगर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला करता है, तो यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।
वहीं, सरकार की कोशिश होगी कि बजट सत्र का कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे और विधायी एजेंडा प्रभावित न हो। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच टकराव और बातचीत का दौर जारी रहने की संभावना है।कुल मिलाकर, बजट सत्र का नौवां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या विपक्ष वास्तव में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा और आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
