नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इन नौ दिनों को मां दुर्गा की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और पंडितों के अनुसार, इस अवधि में वातावरण में सात्विकता बहुत अधिक होती है, जिससे कई नए कार्यों के लिए यह समय फलदायी साबित होता है। हालांकि, हर मांगलिक कार्य के अपने नियम होते हैं और नवरात्रि को ‘अबूझ मुहूर्त’ की तरह देखा जाता है, जहां भक्ति और संयम पर जोर दिया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान गृह प्रवेश करना बहुत शुभ माना जाता है। नए घर में प्रवेश करने से सुख, शांति और मां की कृपा प्राप्त होती है तथा नई जिम्मेदारियों की मजबूत नींव पड़ती है। इसी तरह मुंडन संस्कार भी इन दिनों में अत्यंत फलदायी होता है। उच्च सात्विक वातावरण के कारण यह कार्य बच्चों पर मां की विशेष कृपा बनाए रखता है और घर में शांति लाता है। नए व्यवसाय की शुरुआत, वाहन खरीदना, सोना खरीदना या अन्य निवेश करना भी इन नौ दिनों में सबसे उत्तम समय माना गया है, क्योंकि ऐसे कार्य लंबे समय तक लाभ प्रदान करते हैं।
विवाह के मामले में नियम अलग हैं। हालांकि नवरात्रि के दिन पवित्र होते हैं, लेकिन हिंदू धर्म में शादियां ‘शुक्र तारा’ के उदय और विशेष विवाह मुहूर्त के आधार पर ही की जाती हैं। कई बार नवरात्रि के दौरान आवश्यक नक्षत्र या ग्रह स्थिति मेल नहीं खाती। इसलिए अधिकांश लोग इस दौरान शादी करने से बचते हैं ताकि पूरा ध्यान केवल पूजा-पाठ और भक्ति में लगा रहे। यह समय सांसारिक उत्सवों से अधिक आध्यात्मिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए समर्पित है।
