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नई दिल्ली।ज्येष्ठ अधिकमास का चौथा बड़ा मंगल 26 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ एकादशी तिथि का दुर्लभ संयोग बन रहा है।इस विशेष संयोग के कारण भक्तों को हनुमान पूजा का दोगुना फल प्राप्त होने की मान्यता है। साथ ही श्रीहरि की कृपा भी प्राप्त होगी।चौथे बड़े मंगल पर एकादशी पूर्ण रात्रि तक रहेगी। हनुमान जी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 8.52 बजे से दोपहर 2.02 बजे तक रहेगा।यह ज्येष्ठ अधिकमास का मंगलवार है, जो भक्तों के लिए खास महत्व रखता है।

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व

उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बड़े मंगल का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवारों को बड़ा मंगल कहा जाता है। इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं तथा प्रसाद और भंडारे का आयोजन करते हैं।

मान्यता है कि बड़े मंगल पर सच्चे मन से हनुमान जी की उपासना करने से भय, रोग, शत्रु बाधा और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। बजरंगबली को संकटमोचन कहा जाता है और उनकी कृपा से जीवन के कठिन कार्य भी सरल हो जाते हैंज्येष्ठ अधिकमास का अगला बड़ा मंगल 26 मई 2026 को पड़ेगा. इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ एकादशी तिथि का संयोग भी बन रहा है. ऐसे में श्रीहरि की कृपा भी प्राप्त होगी.

जानकारी दे दें कि, ज्येष्ठ अधिकमास का अगला बड़ा मंगल 26 मई 2026 को पड़ेगा। इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ एकादशी तिथि का संयोग भी बन रहा है. ऐसे में श्रीहरि की कृपा भी प्राप्त होगीज्येष्ठ अधिकमास का अगला बड़ा मंगल 26 मई 2026 को पड़ेगा. इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ एकादशी तिथि का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में श्रीहरि की कृपा भी प्राप्त होगी।चौथा बड़ा मंगल के दिन एकादशी पूर्ण रात्रि तक रहेगी। ऐसे में हनुमान जी की पूजा के लिए सुबह 8.52 से लेकर दोपहर 2.02 तक शुभ मुहूर्त बन रहा है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

चौथे बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 8 बजकर 52 मिनट से दोपहर 2 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। इस दौरान पूजा, पाठ और दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

भक्त इस शुभ समय में हनुमान मंदिर जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़-चना और तुलसी अर्पित कर सकते हैं। साथ ही हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ माना गया है।

ऐसे करें हनुमान जी की पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थान या मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं।

हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। लाल फूल, बूंदी, बेसन के लड्डू और गुड़-चना का भोग लगाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।

यदि संभव हो तो इस दिन गरीबों को भोजन कराना, जल सेवा करना और दान-पुण्य करना भी बेहद शुभ माना गया है। कई स्थानों पर बड़े मंगल के अवसर पर विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो 26 मई 2026 का यह चौथा बड़ा मंगल श्रद्धालुओं के लिए बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जा रहा है। एकादशी और बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग लंबे समय बाद बना है, इसलिए भक्तों को इस अवसर का लाभ उठाकर पूजा, व्रत और दान अवश्य करना चाहिए।

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