नई दिल्लीजंतर-मंतर से शुरू हुए CJP आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गया है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोग हिरासत में लिए गए। राहुल गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने सरकार पर दमन का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन के बीच अमित शाह के घर बड़ी बैठक हुई। दिल्ली में CRPF की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गईं और कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए। पटना के जेपी गोलंबर पर AISA और पुलिस आमने-सामने हुईं।
संसद के मानसून सत्र में भी यह मुद्दा गूंजा। विपक्ष ने चर्चा की मांग की, जबकि सरकार चर्चा करने को तैयार है। कई राज्यों में प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। CJP ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।प्रियंका गांधी ने छात्रों की मांगों को जायज बताया, जबकि उद्धव ठाकरे जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में भी चर्चा हुई।
जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन
CJP ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया। संगठन का कहना है कि छात्रों से जुड़े मामलों पर व्यापक सुधार की आवश्यकता है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और बाद में संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया।
इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया।
अमित शाह के आवास पर हुई बैठक
आंदोलन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन इसे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कई स्थानों पर अतिरिक्त CRPF कंपनियों की तैनाती की गई और एहतियात के तौर पर कुछ मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही प्रभावित रही।
फिलहाल CJP ने स्पष्ट किया है कि उसकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, संसद का मानसून सत्र भी जारी है, जहां इस विषय पर आगे भी चर्चा और राजनीतिक बहस होने की संभावना है।आने वाले दिनों में सरकार, विपक्ष और आंदोलनकारी संगठनों की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी। साथ ही, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर क्या ठोस निर्णय सामने आते हैं। फिलहाल, यह मामला संसद से लेकर सड़क तक राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का प्रमुख विषय बना हुआ है।
