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नई दिल्ली। एक बैरल क्रूड ऑयल में 42 गैलन या 159 लीटर तेल होता है। इसे रिफाइनरी में शुद्ध करने पर अलग-अलग उत्पाद प्राप्त होते हैं।एक बैरल से 42 प्रतिशत पेट्रोल, 27 प्रतिशत डीजल, 10 प्रतिशत जेट फ्यूल, 4 प्रतिशत एलपीजी, 7 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक्स, 5 प्रतिशत हैवी फ्यूल ऑयल, 2 प्रतिशत लुब्रिकेंट्स और वैक्स तथा 3 प्रतिशत एस्फाल्ट मिलता है। ये प्रतिशत रिफाइनरी और क्रूड ऑयल के प्रकार के अनुसार थोड़े कम-ज्यादा हो सकते हैं।क्रूड ऑयल को रिफाइनरी में फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन प्रक्रिया से अलग किया जाता है। हल्के उत्पाद जैसे पेट्रोल ऊपर आते हैं जबकि भारी उत्पाद नीचे रह जाते हैं। भारत में रिलायंस, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों की रिफाइनरी इस काम में प्रमुख हैं।

तैयार उत्पाद पाइपलाइन, टैंकर, ट्रेन और ट्रक से पेट्रोल पंपों, हवाई अड्डों, घरों और फैक्टरियों तक पहुंचाए जाते हैं। पेट्रोल और डीजल पेट्रोल पंपों पर, जेट फ्यूल हवाई अड्डों पर, एलपीजी सिलेंडर के रूप में घरों में, पेट्रोकेमिकल्स प्लास्टिक और दवा उद्योग में तथा एस्फाल्ट सड़क निर्माण में इस्तेमाल होता है।

एक बैरल से क्या-क्या निकलता है?
रिफाइनिंग प्रक्रिया के बाद एक बैरल क्रूड ऑयल से कई तरह के उत्पाद प्राप्त होते हैं। औसतन, इसमें से लगभग 42 प्रतिशत पेट्रोल निकलता है, जो वाहनों में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला ईंधन है। इसके बाद लगभग 27 प्रतिशत डीजल प्राप्त होता है, जिसका उपयोग ट्रक, बस, ट्रेन और कई औद्योगिक मशीनों में किया जाता है।

इसके अलावा करीब 10 प्रतिशत जेट फ्यूल यानी विमान ईंधन तैयार होता है, जो हवाई यात्रा के लिए बेहद जरूरी है। एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भी लगभग 4 प्रतिशत हिस्से में मिलती है, जिसका उपयोग घरों में खाना पकाने और छोटे उद्योगों में किया जाता है।

उत्पादों का वितरण कैसे होता है?
रिफाइनिंग के बाद तैयार उत्पादों को विभिन्न माध्यमों से देशभर में पहुंचाया जाता है। पाइपलाइन नेटवर्क सबसे प्रमुख और किफायती माध्यम है, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में ईंधन का परिवहन किया जाता है। इसके अलावा टैंकर, ट्रेन और ट्रकों का भी उपयोग होता है।

पेट्रोल और डीजल पेट्रोल पंपों तक पहुंचाए जाते हैं, जेट फ्यूल हवाई अड्डों तक, जबकि एलपीजी गैस सिलेंडर के रूप में घरों तक पहुंचती है। वहीं पेट्रोकेमिकल्स उद्योगों में भेजे जाते हैं, जहां उनसे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

एक बैरल क्रूड ऑयल केवल ईंधन का स्रोत नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन की जरूरतों का आधार है। इससे मिलने वाले विभिन्न उत्पाद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और सुगम बनाते हैं। रिफाइनिंग की उन्नत तकनीकों और मजबूत वितरण नेटवर्क के कारण यह सुनिश्चित किया जाता है कि ये उत्पाद देश के हर कोने तक पहुंच सकें।

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