समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। दिल्ली में शुक्रवार की सुबह इस गर्मी के मौसम की सबसे गर्म रही।न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक है। दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का कहर झेलना पड़ा।

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब बनी हुई है। शुक्रवार सुबह नौ बजे दिल्ली का एक्यूआई 241 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। एनसीआर के अन्य शहरों में हवा मध्यम से खराब श्रेणी में चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले समय में इसमें बहुत अधिक बदलाव की उम्मीद नहीं है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिन में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया था, साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी की भी आशंका व्यक्त की थी। हालांकि, अभी तक दिल्ली-एनसीआर में कहीं भी बारिश नहीं हुई है। तेज धूप के साथ मौसम शुष्क बना हुआ है।IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में मौजूदा मौसम की स्थिति बनी रहने की संभावना है। लोगों को गर्मी और खराब वायु गुणवत्ता से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिन के दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई थी। साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की आशंका भी व्यक्त की गई थी। हालांकि, ताजा स्थिति के अनुसार अभी तक दिल्ली-एनसीआर के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके चलते मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन भी इस तरह की चरम मौसम स्थितियों के लिए जिम्मेदार है। हर साल तापमान के नए रिकॉर्ड बनना इस बात का संकेत है कि मौसम के पैटर्न में बदलाव आ रहा है। ऐसे में दीर्घकालिक उपायों के तहत हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण नियंत्रण और टिकाऊ शहरी विकास पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version