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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की चपेट में है। 30 दिसंबर 2025 को सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। घने कोहरे ने सड़क, रेल और हवाई मार्गों पर अपना असर दिखाया है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही अब सामान्य हो चुकी है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6-9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 21-24 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सुबह के समय विजिबिलिटी कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम रही, जिससे घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा। IMD ने 30 दिसंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जबकि 31 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट है। कोहरा मुख्य रूप से रात और सुबह के समय प्रभावी रहेगा, उसके बाद धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है।

बता दें कि, इस कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल परिचालन पर पड़ा है। उत्तरी रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली डिवीजन में करीब 100 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। कई ट्रेनें 2 घंटे से लेकर 15 घंटे तक की देरी से प्रभावित हैं। प्रमुख ट्रेनें जैसे राजधानी, तेजस, दुरंतो और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें भी इस प्रभाव से अछूती नहीं रहीं।

वही, दूसरी ओर, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्थिति अब नियंत्रण में है। कल यानी 29 दिसंबर को घने कोहरे के कारण 128 से अधिक फ्लाइट्स कैंसल हुईं और सैकड़ों में घंटों की देरी हुई थी। कई फ्लाइट्स को अन्य एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा। एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी की थी कि वे फ्लाइट स्टेटस पहले चेक करें। आज विजिबिलिटी में सुधार होने से ऑपरेशंस सामान्य हो गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि CAT-III कंडीशंस के तहत संचालन सुचारू रूप से चल रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे लेटेस्ट अपडेट्स के लिए एयरलाइंस या एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

बता दें कि, सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। सुबह के समय दिल्ली-NCR की कई सड़कों पर विजिबिलिटी 50-100 मीटर तक सीमित रही, जिससे वाहन धीमी रफ्तार से चल रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। कई जगहों पर हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स के साथ वाहन चलाने की जरूरत पड़ी।

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