नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के दफ्तर और उसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे केंद्र सरकार द्वारा TMC को डराने-धमकाने की साजिश करार दिया है।
गौरततलब हैं कि, यह पूरा विवाद बंगाल कोयला खनन घोटाले से जुड़ा है, जिसमें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत कार्रवाई की। ED का दावा है कि यह छापेमारी कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ी है, जिसमें अनूप माझी उर्फ लाला मुख्य आरोपी है। CBI की 2020 की FIR के आधार पर ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की थी। जांच में I-PAC का नाम आया है, क्योंकि कथित तौर पर कोयला तस्करी से प्राप्त अवैध धन का इस्तेमाल TMC के लिए चुनावी कामों में किया गया, जैसे 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में। ED ने कहा कि प्रतीक जैन से जुड़े हवाला लेन-देन की जानकारी मिली है।
ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के घर पहुंचकर एक ग्रीन फाइल और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गईं, जिसे उन्होंने पार्टी के दस्तावेज बताया। ED ने इसे “जांच में बाधा” करार दिया और कहा कि छापेमारी शांतिपूर्ण थी, लेकिन ममता बनर्जी के पुलिस के साथ पहुंचने के बाद दस्तावेज और डिवाइस जबरन ले लिए गए। ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें ममता पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया। ED ने कहा कि यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़ी है, न कि राजनीतिक।
बता दें कि, इस घटना के बाद TMC ने दो अलग-अलग FIR दर्ज कराईं। एक FIR ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई, जिसमें जांच में हस्तक्षेप और दस्तावेज चोरी का आरोप है। TMC ने कोर्ट में भी याचिका दायर की, जिसमें ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और जब्त दस्तावेज वापस करने की मांग की गई।
वही, पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल गरमाया हुआ है। बंगाल कांग्रेस ने भी ED की कार्रवाई का विरोध किया है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है।यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा संघर्ष बन चुका है। आने वाले दिनों में इससे जुड़ी नई घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। TMC कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतर चुके हैं, जबकि केंद्र सरकार अपनी जांच को जारी रखने पर अड़ी है।
