कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की। यह कार्रवाई साल्ट लेक सेक्टर-V स्थित I-PAC मुख्यालय और कोलकाता के पॉश इलाके लाउडन स्ट्रीट पर बने जैन के आवास पर हुई।
प्रतीक जैन और I-PAC की भूमिका
प्रतीक जैन I-PAC के प्रमुख हैं और पश्चिम बंगाल में संगठन की गतिविधियों की देखरेख करते हैं। उन्हें चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का करीबी सहयोगी माना जाता है। ED की टीम ने उनके घर पर घंटों तलाशी ली।
ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और ED की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से कहा – “क्या पार्टी की हार्ड डिस्क, कैंडिडेट लिस्ट और अन्य दस्तावेज इकट्ठा करना ED या अमित शाह का काम है? जो गृह मंत्री देश की रक्षा नहीं कर सकता, वह मेरी पार्टी के सारे डॉक्यूमेंट्स लेकर जा रहा है। अगर मैं बीजेपी पार्टी ऑफिस पर छापा मारूं तो क्या होगा?”
राजनीतिक हलचल
इस कार्रवाई को राजनीतिक हलकों में केंद्र सरकार की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। BJP ने 2026 के चुनाव को ‘मिशन बंगाल’ घोषित किया है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित शीर्ष नेता लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने सीधे अमित शाह पर हमला बोलते हुए इसे BJP की साजिश बताया। वहीं TMC नेताओं का कहना है कि ED, CBI और अन्य एजेंसियां विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं।
TMC और I-PAC का रिश्ता
प्रतीक जैन के घर पर ममता का पहुंचना असामान्य नहीं है, क्योंकि TMC और I-PAC के बीच गहरा संबंध है। ममता ने वहां मौजूद ED अधिकारियों से भी बातचीत की और छापेमारी की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दस्तावेज जब्त करना गोपनीयता का उल्लंघन है।
जन प्रतिक्रिया
छापेमारी के खिलाफ TMC कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर #StopPoliticalVendetta ट्रेंड कर रहा है। BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि ED की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है और राजनीति से प्रेरित नहीं।
