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नई दिल्ली।साल 2026 में एल नीनो की संभावना ने किसानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। यह वैश्विक जलवायु घटना प्रशांत महासागर के तापमान में असामान्य वृद्धि से जुड़ी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगर एल नीनो मजबूत रहा तो भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे कम बारिश, बढ़ता तापमान और सूखे की स्थिति बन सकती है।

.हां हम आपको यह बता दें कि, एल नीनो के कारण खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। धान, गन्ना, मक्का और कपास जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों की बुवाई और पैदावार प्रभावित हो सकती है। कम बारिश से इनकी उत्पादकता घट सकती है। कई किसान पहले से भूजल और सिंचाई के सहारे बुवाई कर रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसान मौसम के अनुसार रणनीति अपनाएं। कम पानी वाली फसलें जैसे मोटे अनाज, दालें और सूखा सहन करने वाली किस्में बेहतर विकल्प हैं। ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, मल्चिंग जैसी तकनीकों से पानी बचाएं। खेत में नमी बनाए रखने, जैविक पदार्थ डालने और सुबह-शाम सिंचाई करने की सलाह दी गई है।

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