समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे किसी भी फ्लाइट में करीब 60 प्रतिशत सीटें सीट सिलेक्शन के लिए मुफ्त में उपलब्ध रखें। इससे वेब चेक-इन के दौरान अतिरिक्त चार्ज लगाने की प्रथा पर अंकुश लगेगा।मंत्रालय के इस निर्देश का मकसद हवाई यात्रियों को राहत प्रदान करना और यात्री अधिकारों को मजबूत करना है। अब एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि फ्लाइट की लगभग 60 प्रतिशत सीटें चार्ज-फ्री रहें, जिससे यात्रियों को बिना अतिरिक्त भुगतान के सीट चुनने का विकल्प मिल सके।

यह फैसला सभी भारतीय एयरलाइंस पर लागू होगा। मंत्रालय ने एयरलाइन ऑपरेटर्स को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे फ्लाइट में 60 प्रतिशत सीटों को मुफ्त सिलेक्शन के लिए निर्धारित करें।यह जानकारी 18 मार्च 2026 को जारी की गई। इससे हवाई यात्रा को और अधिक किफायती तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्या है नया नियम?

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब सभी एयरलाइंस को अपनी हर फ्लाइट में लगभग 60 प्रतिशत सीटें ऐसी रखनी होंगी, जिनका चयन यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कर सकें। इसका मतलब है कि अब यात्रियों को केवल टिकट खरीदने के बाद सीट चुनने के लिए अलग से पैसे नहीं देने पड़ेंगे, कम से कम अधिकांश सीटों के लिए।

हालांकि, कुछ विशेष सीटें जैसे कि अतिरिक्त लेगरूम वाली सीटें, विंडो या फ्रंट रो सीटें अब भी प्रीमियम कैटेगरी में रह सकती हैं, जिनके लिए एयरलाइंस शुल्क ले सकती हैं। लेकिन सामान्य सीटों के लिए अतिरिक्त चार्ज लेने की प्रथा पर अब काफी हद तक रोक लगेगी।

कुल मिलाकर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय का यह फैसला हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। 60 प्रतिशत सीटों को मुफ्त चयन के लिए उपलब्ध कराने का यह कदम न केवल यात्रियों के खर्च को कम करेगा, बल्कि एयरलाइंस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी लाएगा।आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि एयरलाइंस इस नियम को कैसे लागू करती हैं और इसका हवाई यात्रा के अनुभव पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, यात्रियों के लिए यह निश्चित रूप से एक सकारात्मक और स्वागत योग्य बदलाव है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version