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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। ठंड के मौसम में ताजी हरी मटर भारतीय रसोई में काफी लोकप्रिय है। आजकल कई लोग घर पर ही सब्जियां उगा रहे हैं। मटर उगाने के लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं होती। उपयुक्त धूप, मिट्टी और सही देखभाल के साथ इन्हें बालकनी, छत या छोटी जगह में भी आसानी से उगाया जा सकता है।

मटर ठंडे मौसम की फसल है। इसकी बुवाई क्षेत्र की जलवायु पर निर्भर करती है। आमतौर पर मैदानी इलाकों में ठंड की शुरुआत से पहले बुवाई की जाती है। सही समय पर बोई गई मटर 60 से 75 दिन में तैयार हो जाती है। घर पर मटर उगाने के लिए स्वस्थ और अच्छे किस्म के बीज का चुनाव करना चाहिए।

जानकारी देते चले कि, मटर की जड़ों को फैलने के लिए जगह चाहिए, इसलिए 12 से 15 इंच गहरे और पर्याप्त चौड़े गमले चुनें। गमले में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए, क्योंकि पानी जमा होने से जड़ें खराब हो सकती हैं या फंगल रोग का खतरा बढ़ सकता है। बुवाई के लिए भुरभुरी मिट्टी लें और उसमें खाद मिलाएं। बीज को मिट्टी में 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर बोएं और उनके बीच पर्याप्त दूरी रखें। नियमित पानी दें, लेकिन ज्यादा पानी न डालें। सिंचाई से पहले मिट्टी की जांच कर लें और जरूरत होने पर ही पानी दें।मटर की बेल ऊपर की ओर बढ़ती है। पौधा बढ़ने पर पतली लकड़ी या बांस का सहारा दें। पौधों को पर्याप्त रोशनी भी चाहिए। जब मटर की फलियां पूरी तरह विकसित हो जाएं, तब उन्हें तोड़ा जा सकता है।

मटर ठंड के मौसम की फसल

हरी मटर को ठंडे मौसम में उगाई जाने वाली सब्जी माना जाता है। इसकी बुवाई का सही समय क्षेत्र की जलवायु पर निर्भर करता है। मैदानी इलाकों में आमतौर पर ठंड शुरू होने से पहले या मौसम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसकी बुवाई की जाती है।

समय पर बोई गई मटर की कई किस्में लगभग 60 से 75 दिनों में फलियां देना शुरू कर सकती हैं। हालांकि, वास्तविक अवधि बीज की किस्म, तापमान, मिट्टी, पानी और पौधे की देखभाल के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए बीज खरीदते समय उसकी किस्म और अनुशंसित बुवाई अवधि की जानकारी जरूर देखें।

अच्छे बीज का चुनाव सबसे जरूरी

घर पर मटर उगाने की शुरुआत अच्छे और स्वस्थ बीज से करनी चाहिए। कमजोर या खराब गुणवत्ता वाले बीज से अंकुरण कम हो सकता है और पौधों की वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है।

किसान या घरेलू बागवानी करने वाले लोग अपने क्षेत्र के मौसम के अनुकूल मटर की किस्म चुन सकते हैं। बीज किसी विश्वसनीय कृषि केंद्र, नर्सरी या प्रमाणित स्रोत से लेना बेहतर होता है। यदि पैकेट पर बुवाई, तापमान और फसल अवधि से संबंधित निर्देश दिए गए हों तो उन्हें ध्यान से पढ़ना चाहिए।

बालकनी, छत या छोटी जगह पर मटर उगाना उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो घर में ताजी सब्जियां उगाना चाहते हैं। इसमें सबसे ज्यादा ध्यान सही मौसम, अच्छे बीज, पर्याप्त गहराई वाले गमले, भुरभुरी मिट्टी, जल निकासी और पौधे को सहारा देने पर देना चाहिए।

मटर की खेती शुरू करने से पहले स्थानीय जलवायु के अनुसार बुवाई का समय और उपयुक्त किस्म की जानकारी लेना बेहतर है। साथ ही, पौधे की जरूरत के अनुसार पानी और पोषण देना चाहिए। सही देखभाल के साथ घर के छोटे से स्थान में भी मटर की बेल विकसित की जा सकती है और मौसम आने पर ताजी हरी फलियां घर पर ही प्राप्त की जा सकती हैं।

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