मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी फिल्म ‘बटवारा 1947’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह फिल्म पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई थी। इसी बीच उनका एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे पान मसाला और गुटखा को न तो प्रमोट करते हैं और न ही करेंगे, चाहे इसके लिए करोड़ों के ऑफर क्यों न मिलें।
गौरतलब हैं कि, इस बयान के बाद उनकी तारीफ हो रही थी, लेकिन नेटिजन्स ने उनका एक पुराना पान मसाला विज्ञापन ढूंढ निकाला। इस वीडियो में सनी देओल भोजपुरी स्टार रवि किशन और विजय राज के साथ नजर आ रहे हैं। विज्ञापन में वे दो महिलाओं के साथ एक पान की दुकान पर आते हैं, मीठा पान मांगते हैं और खाते हुए भी दिखते हैं। पान मसाला की पैकेजिंग पर उनकी तस्वीर भी दिखाई देती है।
गौर करने वाली बात यह हैं कि, वीडियो वायरल होने के बाद अभिनेता ट्रोलिंग का शिकार हो गए। एक यूजर ने लिखा कि तब पीआर नहीं रखा था, अब रख लिया है। एक अन्य ने कहा कि एक्टर जो कहते हैं उस पर कभी भरोसा न करें। हाल ही में एक इंटरव्यू में सनी देओल ने कहा था कि वे पान मसाला के विज्ञापन नहीं करते और कभी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उनका जमीर ऐसी चीजों का प्रचार करने नहीं मानता।
वायरल हुआ सनी देओल का पुराना विज्ञापन
हालिया बयान के बाद नेटिजन्स ने सनी देओल का एक पुराना वीडियो खोज निकाला। वीडियो में वह रवि किशन और विजय राज के साथ दिखाई देते हैं। विज्ञापन की कहानी में सनी देओल दो महिलाओं के साथ एक पान की दुकान पर पहुंचते हैं।
वीडियो में वह मीठा पान मांगते और खाते हुए नजर आते हैं। विज्ञापन के दौरान पान मसाला की पैकेजिंग भी दिखाई देती है, जिस पर सनी देओल की तस्वीर नजर आती है। इसी दृश्य को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेता के पुराने विज्ञापन और हालिया इंटरव्यू के बयान के बीच सवाल उठाए।
आखिर में बता दें कि, सनी देओल के मामले में भी सोशल मीडिया यूजर्स इसी संदर्भ में पुराने विज्ञापन और उनके हालिया बयान की तुलना कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पूरे मामले को उपलब्ध तथ्यों और अभिनेता की आधिकारिक प्रतिक्रिया के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित होगा।फिलहाल पुराने पान मसाला विज्ञापन का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और सनी देओल के हालिया बयान को लेकर यूजर्स सवाल उठा रहे हैं। आने वाले समय में यदि अभिनेता इस पुराने विज्ञापन या उससे जुड़े सवालों पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं, तो विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
