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नई दिल्ली।मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। 4 जुलाई को खेले गए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 190 रन बनाए थे। 16 ओवर में इंग्लैंड का स्कोर 142/5 था, लेकिन इसके बाद मैच का रुख बदल गया।कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वां ओवर रवि बिश्नोई को सौंपा। इस ओवर की शुरुआत नो-बॉल से हुई, जिस पर जैकब बेथेल ने फ्री-हिट पर छक्का जड़ा। बिश्नोई की दूसरी नो-बॉल पर भी बेथेल ने बड़ा शॉट लगाया। इस ओवर में इंग्लैंड ने 29 रन बनाए, जिसने मैच इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ दिया। बेथेल ने 76 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।

हार के बाद श्रेयस अय्यर ने किसी एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं मैच कहां से हाथ से निकला, लेकिन वे किसी पर उंगली नहीं उठाना चाहते। श्रेयस ने बिश्नोई पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इससे सीखेंगे। उन्होंने मुश्किल पिच पर 190 रन को शानदार स्कोर बताया।श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अब तक एक भी टी20 मैच नहीं जीत सकी है। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारे, इंग्लैंड के पहले टी20 में मैच धुला और अब दूसरा मैच भी हार गए। इस जीत से इंग्लैंड सीरीज में 1-0 से आगे हो गया है। श्रेयस ने कहा कि टीम हार को ज्यादा देर तक हावी नहीं होने देगी और अगले मैच पर फोकस करेगी। तीसरा मैच 7 जुलाई को नॉटिंघम में खेला जाएगा।

हार के बाद क्या बोले श्रेयस अय्यर?

मैच समाप्त होने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी पर फोड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम जानती है कि मैच किस मोड़ पर हाथ से निकला, लेकिन किसी एक खिलाड़ी को दोष देना उचित नहीं होगा। अय्यर ने रवि बिश्नोई का समर्थन करते हुए कहा कि युवा गेंदबाज इस अनुभव से सीखेंगे और आगे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

श्रेयस ने यह भी कहा कि ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर 190 रन का स्कोर काफी अच्छा था और उन्हें विश्वास था कि उनकी टीम इस स्कोर का बचाव कर लेगी। हालांकि टी20 क्रिकेट में कुछ गेंदें और कुछ ओवर पूरे मुकाबले का परिणाम बदल सकते हैं और इस मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी का रिकॉर्ड

इस हार के साथ श्रेयस अय्यर का कप्तानी रिकॉर्ड भी चर्चा का विषय बन गया है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम अब तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जीतने में सफल नहीं हुई है। आयरलैंड दौरे पर भारत दोनों टी20 मैच हार चुका था। इंग्लैंड के खिलाफ पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया, जबकि दूसरे मैच में भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में अय्यर की कप्तानी में जीत का इंतजार अभी भी जारी है।

हालांकि कप्तान ने कहा कि टीम इस हार को ज्यादा समय तक अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में लगातार मैच खेले जाते हैं और खिलाड़ियों को जल्द ही अगले मुकाबले पर ध्यान केंद्रित करना होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वापसी करेगी।

भारतीय टीम के लिए सकारात्मक पक्ष यह रहा कि बल्लेबाजी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 190 रन जैसा मजबूत स्कोर बनाया। लेकिन गेंदबाजी के अंतिम ओवरों में अनुशासन की कमी और अतिरिक्त रन देना टीम पर भारी पड़ा। अब टीम प्रबंधन की नजर डेथ ओवरों की रणनीति सुधारने और गेंदबाजों की लाइन-लेंथ में निरंतरता लाने पर होगी। यदि भारत को सीरीज में वापसी करनी है तो उसे अगले मुकाबले में छोटी-छोटी गलतियों से बचना होगा, क्योंकि टी20 क्रिकेट में एक ओवर या कुछ गेंदें ही पूरे मैच का नतीजा बदल सकती हैं।

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