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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।भारतीय टी-20 टीम ने पिछले दो वर्षों में असाधारण प्रदर्शन किया है। 2024 टी-20 विश्व कप जीतने के बाद मार्च 2026 में अहमदाबाद के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया। इससे भारत तीसरी बार विश्व चैंपियन बना और लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बन गई। 2024 विश्व कप से अब तक के बीच भारत ने 50 टी-20 मैचों में से 41 जीते, जबकि केवल 7 हारे। सभी 8 द्विपक्षीय सीरीज और एशिया कप में भी जीत दर्ज की गई।

टीम ने कड़े फैसले और प्रयोगों से नया मॉडल पेश किया है। 2024 विश्व कप के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के हटने के बावजूद फॉर्म और इम्पैक्ट को प्राथमिकता दी गई। कप्तानी दावेदार शुभमन गिल को 2026 विश्व कप टीम से बाहर रखा गया, जबकि संजू सैमसन को शामिल किया। पिछले दो साल में 33 खिलाड़ियों को मौका दिया गया, हर सीरीज में अलग कॉम्बिनेशन आजमाए गए। कोच गौतम गंभीर ने ‘हाई रिस्क, हाई रिवॉर्ड’ रणनीति अपनाई, जबकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में 80.77 प्रतिशत जीत दर्ज हुई।

टीम में कई मैच विनर उभरे हैं। जसप्रीत बुमराह संकटमोचक बने, हार्दिक पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। हालिया विश्व कप में 5 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। बल्लेबाजी में 8472 रन बने, औसत 29.51 और स्ट्राइक रेट 157.32 रहा। भारत ने 7 बार 250 का आंकड़ा पार किया, जिसमें 6 बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में। गेंदबाजी में फुल मेंबर्स देशों में सर्वाधिक 377 विकेट लिए, औसत 19.46 के साथ दुनिया में सर्वश्रेष्ठ। मजबूत बेंच स्ट्रेंथ और आक्रामक रणनीति से भारत आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 टी-20 टीम बनी है।

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