नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के एसी कोचों में यात्रा करने वाले कुछ यात्री कंबल, चादर, तकिए और तौलिए चुराने की घटनाओं में संलिप्त पाए जा रहे हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान इन चोरी के मामलों से रेलवे को 100 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यात्री सबसे ज्यादा तौलिए (46 लाख 54 हजार), चादर (41 लाख 13 हजार), तकिए के कवर (23 लाख 59 हजार), कंबल (12 लाख 96 हजार) और तकिए (2 लाख 76 हजार) चुरा रहे हैं। रिपोर्ट में ट्रेन के अंदर की फुटेज भी शामिल की गई है, जिसमें यात्री इन वस्तुओं को चुराते या छिपाते दिख रहे हैं। विभिन्न रेलवे डिवीजनों में यह समस्या अलग-अलग स्तर पर देखी जा रही है।
रेलवे प्रशासन के लिए यह चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि अन्य यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी दिक्कत आ रही है। अधिकारियों ने इस समस्या पर सख्त निगरानी बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत पर जोर दिया है।
