नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, अंपायर भी अच्छी कमाई कर रहे हैं। मैच में अंपायरिंग करने वाले अधिकारियों को प्रति मैच लाखों रुपये की फीस दी जाती है। ऑन-फील्ड अंपायर को लगभग तीन लाख रुपये प्रति मैच मिलते हैं। आईसीसी एलीट पैनल के सदस्यों को यह राशि 3.7 लाख रुपये तक हो सकती है। वहीं थर्ड अंपायर और फोर्थ अंपायर को दो लाख रुपये प्रति मैच दिए जाते हैं। डेवलपमेंट अंपायर की फीस लगभग 60 हजार रुपये प्रति मैच है।
आईपीएल सीजन में औसतन 12 से 15 मैच अंपायरिंग करने वाले अधिकारी कुल 25 से 40 लाख रुपये या इससे अधिक कमा सकते हैं। सभी अंपायरों को सीजन के लिए लगभग 7.33 लाख रुपये का फिक्स्ड रिटेनर भी मिलता है। प्लेऑफ में एलीट अंपायरों को बोनस के रूप में पांच से आठ लाख रुपये तक दिए जा सकते हैं।
अतिरिक्त सुविधाओं में यात्रा, ठहरने और अन्य भत्ते अलग से प्रदान किए जाते हैं। आईपीएल में अंपायर प्रति मैच टी20 इंटरनेशनल मैच की तुलना में करीब 2.5 गुना ज्यादा कमाई करते हैं। टी20 आई में उनकी फीस 1.13 से 1.25 लाख रुपये के बीच होती है।
ऑन-फील्ड अंपायर की कमाई
आईपीएल मैच के दौरान मैदान पर खड़े होकर फैसले लेने वाले ऑन-फील्ड अंपायरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्हें हर गेंद, हर अपील और हर फैसले पर तुरंत और सटीक निर्णय देना होता है।
इस जिम्मेदारी के बदले उन्हें प्रति मैच लगभग 3 लाख रुपये की फीस दी जाती है। यह राशि इस बात को दर्शाती है कि लीग में अंपायरिंग का स्तर कितना उच्च और पेशेवर हो चुका है।
यदि कोई अंपायर पूरे सीजन में 10 से 15 मैचों में अंपायरिंग करता है, तो उसकी कुल कमाई लाखों में नहीं बल्कि करोड़ के करीब पहुंच सकती है।
आईसीसी एलीट पैनल अंपायरों की विशेष स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंपायरों को आईसीसी के एलीट पैनल में शामिल किया जाता है। ऐसे अंपायरों को आईपीएल में भी विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
इन एलीट पैनल के अंपायरों को प्रति मैच करीब 3.7 लाख रुपये तक की फीस मिल सकती है। उनकी अनुभव, सटीकता और अंतरराष्ट्रीय मैचों में काम करने की क्षमता के कारण उन्हें यह अतिरिक्त भुगतान दिया जाता है।
इससे यह भी साफ होता है कि आईपीएल अपने मैचों की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अंपायरों को शामिल करता है।
आईपीएल 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह लीग केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि क्रिकेट से जुड़े हर पेशेवर के लिए अवसरों का खजाना है। अंपायरों की बढ़ती फीस और उनके लिए बेहतर सुविधाएं यह दर्शाती हैं कि क्रिकेट का यह फॉर्मेट लगातार विकसित हो रहा है।
