तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर कोई हमला हुआ, तो इसे ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध (all-out war) माना जाएगा। पेजशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी हमले का जवाब कठोर और पछतावे वाला होगा। उन्होंने लिखा, “हमारे महान नेता पर हमला ईरानी राष्ट्र के खिलाफ पूर्ण युद्ध के समान होगा।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया विवादास्पद बयानों के जवाब में आया है, जिसमें ट्रम्प ने खामेनेई को “बीमार आदमी” कहा और ईरान में नए नेतृत्व की मांग की।
ट्रम्प ने साक्षात्कार में कहा कि खामेनेई “एक बीमार आदमी हैं जो अपने देश को ठीक से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या बंद करनी चाहिए।” उन्होंने खामेनेई के लगभग 40 साल के शासन को समाप्त करने और ईरान में नए नेतृत्व की तलाश का आह्वान किया। ट्रम्प ने ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्याओं और फांसियों पर चिंता जताई और कहा कि अगर ऐसी कार्रवाई जारी रही तो अमेरिका दखल दे सकता है। ट्रम्प ने दावा किया कि उनके दबाव में ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है और हत्याएं कम हो रही हैं। व्हाइट हाउस ने भी इस दावे की पुष्टि की है।
मालूम हो कि, प्रदर्शनों के दौरान दमन की कार्रवाई में भारी मौतें हुई हैं। एक अनाम ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अब तक कम से कम 5,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें करीब 500 सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं। अधिकारी ने मौतों का जिम्मेदार “सशस्त्र दंगाइयों और आतंकवादियों” को ठहराया, जिन्हें विदेशी ताकतों (अमेरिका और इजराइल) से समर्थन मिला। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने भी एक भाषण में “हजारों” मौतों की पुष्टि की और ट्रम्प को “अपराधी” करार दिया, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित किया और सैन्य समर्थन का वादा किया।
वही. खामेनेई ने प्रदर्शनों को “विदेशी साजिश” बताया और अमेरिका-इजराइल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी “अमेरिका को खुश करने के लिए अपनी सड़कें बर्बाद कर रहे हैं।” ईरान ने प्रदर्शनकारियों को “दंगाई” और “आतंकवादी” करार दिया है। पेजशकियान ने भी विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने आर्थिक संकट पैदा किया है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत में अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाए।
हम आपको बता दें कि, यह संकट मध्य पूर्व की अस्थिरता बढ़ा रहा है। प्रदर्शन अब शांत हो गए हैं, लेकिन घरों से नारे लगाए जा रहे हैं। ईरान ने इंटरनेट बहाल करने की बात कही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंतित है। ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है, और यह संकट शासन के लिए बड़ा चुनौती बना हुआ है।
