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ईरान। ईरान ने कतर के प्रमुख तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर मिसाइल हमले किए, जिससे रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट को व्यापक क्षति पहुंची। हमले बुधवार रात 18 मार्च 2026 को शुरू हुए और गुरुवार सुबह 19 मार्च तक जारी रहे। कतर एनर्जी के सीईओ साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि इन हमलों से कतर की LNG निर्यात क्षमता में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है। दो LNG ट्रेन (ट्रेन 4 और ट्रेन 6) क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष है।

इस हमले से कतर को प्रतिवर्ष लगभग 20 अरब डॉलर का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। मरम्मत कार्य में तीन से पांच वर्ष लग सकते हैं, जिसके कारण कतर एनर्जी ने कुछ दीर्घकालिक अनुबंधों पर फोर्स मेज्योर घोषित करने की आवश्यकता बताई है। प्रभावित देशों में चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम शामिल हैं, जहां LNG आपूर्ति बाधित होगी। कतर एनर्जी ने पुष्टि की कि हमलों से पर्ल जीटीएल सुविधा सहित कई LNG सुविधाओं में आग लगी और व्यापक क्षति हुई।

भारत के लिए यह स्थिति गंभीर चुनौती पेश कर रही है, क्योंकि भारत अपनी कुल LNG जरूरतों का लगभग 47 प्रतिशत कतर से आयात करता है। 2024 में भारत ने 27.8 मिलियन मीट्रिक टन LNG आयात किया, जिसमें कतर से 11.30 मिलियन मीट्रिक टन (6.40 अरब डॉलर मूल्य का) शामिल था। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कतर भारत का प्रमुख गैस आपूर्तिकर्ता है। इस व्यवधान से ऊर्जा आयात में जोखिम बढ़ गया है, जिससे घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है।

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