ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं और स्थिति दिन-प्रतिदिन अधिक भयावह होती जा रही है। आर्थिक संकट, रियाल की भारी गिरावट, महंगाई और बेरोजगारी से शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही पूरे देश में फैल गए और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई तथा इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर असंतोष में बदल गए। मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 2500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दसियों हजार गिरफ्तार किए गए हैं। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “ईरान के लोगों का मुख्य हत्यारा” करार दिया है, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दूसरे नंबर पर रखा है।
जानकारी दे दें कि, ईरान इंटरनेशनल और अन्य स्रोतों ने मौत का आंकड़ा 12,000 से 20,000 तक बताया है, जिसे ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार कहा जा रहा है। ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर लगभग 2,000-3,000 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन इन्हें “आतंकवादियों” और “विदेशी साजिश” से जोड़ा है। अधिकांश मौतें लाइव फायरिंग, पेलेट गन्स और अन्य हिंसक तरीकों से हुईं। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर 30 वर्ष से कम उम्र के युवा थे।
बता दें कि, ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि “ईरानी देशभक्त, प्रदर्शन जारी रखें – अपनी संस्थाओं पर कब्जा करें!!! हत्यारों और अत्याचारियों के नाम बचाकर रखें, क्योंकि वे बहुत बड़ी कीमत चुकाएंगे। मदद रास्ते में है। MIGA (Make Iran Great Again)!!!” ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि यदि ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। उन्होंने व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक की और ईरानी अधिकारियों से सभी बैठकें रद्द कर दीं।
वही यह भी बता दें कि, यह स्थिति वैश्विक तनाव को बढ़ा रही है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए टैरिफ और सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यदि इरफान सुल्तानी को फांसी दी जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, लेकिन कुछ फोन लाइनों से जानकारी बाहर आ रही है। स्थिति अत्यंत नाजुक है और भविष्य में बड़े बदलाव की संभावना है।
