अमेरिका। अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन तेहरान में सत्ता में कोई बदलाव नहीं आया है और पुरानी व्यवस्था बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जल्द ही जीत का ऐलान कर सकते हैं। उन्होंने फॉक्स न्यूज रेडियो पर शुक्रवार को कहा, “युद्ध तब खत्म होगा जब उन्हें लगेगा कि अब इसे खत्म करने का समय आ गया है।” ट्रम्प ने युद्ध पर पूरा नियंत्रण होने का दावा किया है।
ईरान की नौसेना का बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है, कई मिसाइलें समाप्त हो गई हैं और कई शीर्ष नेता मारे गए हैं। इसके बावजूद ट्रम्प के ईरान से जुड़े प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री तेल मार्गों को बाधित किया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। स्ट्रेट 21 मील चौड़ा है और सऊदी अरब, इराक, कुवैत तथा यूएई जैसे देशों से तेल के लिए महत्वपूर्ण है। 11 मार्च को थाई कार्गो जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हमला हुआ था। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें लगभग 25 प्रतिशत बढ़ गई हैं, किसानों के लिए खाद की लागत बढ़ी है और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान के पास अभी भी स्थिति पलटने की ताकत बाकी है। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ ब्रायन कटुलिस ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया कि यह युद्ध स्थिति को और मुश्किल बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा अधिक तत्काल और स्थायी हो गया है तथा युद्ध अभी शुरू हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान की सरकार गिरने के कगार पर नहीं है और वह जनता पर नियंत्रण बनाए हुए है। ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम है, जो अमेरिका और सहयोगियों के लिए बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों को चिंता है कि युद्ध के बाद ईरान में कट्टर ताकतें परमाणु हथियार विकास को तेज कर सकती हैं। ट्रम्प की अपनी पार्टी के सदस्य भी मांग कर रहे हैं कि युद्ध खत्म कर अर्थव्यवस्था पर ध्यान दिया जाए, क्योंकि नवंबर में मिड-टर्म चुनाव हैं।
