कोलकाता। ईरान-अमेरिका युद्ध से उत्पन्न गैस आपूर्ति संकट के कारण पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध तमलुक बर्गभीमा मंदिर में आम भक्तों के लिए भोग वितरण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह मंदिर बंगाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मंदिर द्वारा तैयार भोग का प्रसाद ग्रहण करते हैं। संकट के चलते मंदिर प्रशासन को यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है ताकि उपलब्ध गैस का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सके।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में आई कमी का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। तमलुक बर्गभीमा मंदिर में भक्तों के लिए भोग बंद करने का फैसला लिया गया है, क्योंकि मंदिर में खाना पकाने और भोग तैयार करने के लिए एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। यह संकट वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधा के कारण उत्पन्न हुआ है, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय स्तर पर पड़ रहा है।
मंदिर के इस निर्णय से भक्तों में निराशा है, क्योंकि भोग का प्रसाद यहां की एक प्रमुख परंपरा है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और जैसे ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य होगी, भोग वितरण फिर से शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, संकट के कारण अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन तमलुक बर्गभीमा मंदिर में यह प्रभाव सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
