जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल को लेकर शुक्रवार को जबरदस्त हंगामा हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल की हालत देखने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनका विरोध किया और उन्हें भगा दिया। थोड़ी देर बाद सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका खुद स्कूल पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
बताते चले कि, माहौल तनावपूर्ण हो गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। ग्रामीणों ने आशुतोष रांका समेत सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, उन्हें गांव से खदेड़ दिया, गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए, रेत उछाला और पत्थरबाजी भी की। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि गांव पहुंचे लोग असल में ग्रामीण नहीं बल्कि भाजपा के बुलाए हुए लोग थे। उन्होंने कहा कि इनका सरगना कमल प्रधान गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा करने का काम करता है और भाजपा को बच्चों का भैंसों के तबेले में पढ़ना मंजूर है, लेकिन स्कूल ठीक करने की कोशिश मंजूर नहीं। अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि आशुतोष पर भाजपा के गुंडों ने हमला किया और राजस्थान पुलिस ने ऐसा होने दिया।
इस संबंध में ग्रामीण विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय पहले पांचवीं कक्षा तक चलता था। स्कूल की जमीन उनके दादाजी ने दी थी। 1999 में स्कूल भवन बना था, लेकिन उसके बाद मरम्मत नहीं हुई। अब भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बच्चे वहां बैठकर नहीं पढ़ सकते। फिलहाल गांव के एक बड़े भवन में ग्रामीणों ने दो कमरे उपलब्ध कराए हैं, जहां दो शिक्षक करीब 20-30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यह क्षेत्र बगरू विधानसभा में आता है। विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने स्कूल के लिए नौ लाख रुपये के बजट का आश्वासन दिया था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है।ग्रामीण राजेश कुमार शर्मा ने सीजेपी कार्यकर्ताओं के पहुंचने का विरोध किया और आरोप लगाया कि वे स्कूल के मुद्दे को लेकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण सीजेपी के खिलाफ धरने पर डटे हुए हैं।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत पहुंचे थे CJP कार्यकर्ता
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाए जाने की बात कही गई है। इसी अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता रामपुरा-कंवरपुरा गांव के प्राथमिक स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे।
कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और उन्हें वहां से जाने को कहा। इसके कुछ समय बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका खुद स्कूल परिसर में पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद ग्रामीणों की ओर से नारेबाजी शुरू होने की बात सामने आई।
देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की होने लगी।
फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और ग्रामीण CJP के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। दूसरी ओर पार्टी की ओर से घटना को राजनीतिक विरोध और कार्यकर्ताओं पर हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित विभाग स्कूल भवन की स्थिति को लेकर क्या कदम उठाते हैं और शुक्रवार को हुए विवाद में लगाए गए आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
