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नई दिल्ली: केंद्र सरकार की मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसान मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड बनवा सकते हैं। इस कार्ड से खेत की मिट्टी की सेहत का पूरा हिसाब-किताब मिलता है। कार्ड में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश (एनपीके), द्वितीयक पोषक तत्व, सूक्ष्म पोषक तत्व, पीएच स्तर और ऑर्गेनिक कार्बन सहित 12 महत्वपूर्ण पैरामीटर की जानकारी होती है।

मिट्टी परीक्षण के बाद किसानों को तीन साल तक फ्री में मिट्टी स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जाते हैं। कार्ड हर तीन साल में अपडेट किया जाता है, जिससे मिट्टी की स्थिति में बदलाव का पता चलता है। कार्ड पर फसल के अनुसार जैविक खाद या रासायनिक खाद की किस्म और मात्रा का विशेषज्ञ सुझाव भी मुफ्त दिया जाता है।

यह कार्ड खेत की स्वास्थ्य रिपोर्ट की तरह काम करता है। इससे किसान वास्तविक जरूरत के अनुसार खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। योजना पूरी तरह फ्री है और किसानों को इसके लिए कोई खर्च नहीं करना पड़ता।

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