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जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर मे आतंकियों का कहर थमने का नाम नही ले रहा। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा अभियान जारी है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिले हैं कि जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के तीन आतंकी जिले के चतरू इलाके में छिपे हुए हैं। इन आतंकियों को पकड़ने या मार गिराने के लिए भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह इलाका घने जंगलों और भारी बर्फबारी के कारण बेहद दुर्गम है, इसके बावजूद सुरक्षाबल आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।

बर्फ से ढके चतरू इलाके में सघन तलाशी

अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ जिले के चतरू, सिंहपोरा और चिंगम क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियान को और व्यापक कर दिया गया है। दो फीट से अधिक बर्फबारी के बीच सुरक्षाबल पहाड़ी और जंगलों वाले इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। माना जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी इसी दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर लगातार ठिकाने बदल रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों के पास हथियार और जरूरी रसद मौजूद है, जिससे वे लंबे समय तक जंगलों में छिपे रह सकते हैं। इसी कारण ऑपरेशन को पूरी सावधानी और रणनीति के साथ अंजाम दिया जा रहा है।

गौरतलब हैं कि, इस पूरे इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान की शुरुआत 18 जनवरी को हुई थी। उसी दिन मंदराल-सिंहपोरा के पास सोनार जंगल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस गोलीबारी में भारतीय सेना का एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था, जबकि सात अन्य जवान घायल हुए थे।हालांकि उस मुठभेड़ के बाद आतंकी घनी वनस्पति और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन को रोकने के बजाय और तेज कर दिया।

इस संबंध मे अधिकारियों के अनुसार, 22 जनवरी को माली दाना टॉप और 25 जनवरी को जनसीर-कंडीवार इलाके में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। हर बार सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरने की कोशिश की, लेकिन घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और भारी बर्फबारी के कारण आतंकी गहरे इलाकों में छिपने में कामयाब रहे।

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