समाचार मिर्ची

मुंबई।क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के एपिसोड में ‘शांति निकेतन’ में रिश्तों का ड्रामा गरमा गया है। करण बच्चों पर सख्ती कर रहा है, वहीं तुलसी ने अपनी चालाकी से उसे जाल में फंसा लिया है।एपिसोड की शुरुआत समायरा और करण की बातचीत से होती है। समायरा करण को बाहर घूमने चलने को कहती है, लेकिन करण मना कर देता है। वह बताता है कि उसका पुराना दोस्त सुभास गुप्ता आ रहा है और घर के कलह को छुपाने के लिए उसे होटल में ठहराने का फैसला करता है। समायरा जब देविका को एयरपोर्ट से पिक करने जाना चाहती है तो करण उसे भी रोक लेता है।करण की सख्ती पर साहिल भड़क जाता है और उसे ओल्ड-फैशन व सख्त बताता है। गौतम भी करण पर तानाशाही का आरोप लगाता है। करण गौतम को चुप रहने को कहता है।

उधर, सुभास गुप्ता होटल पहुंचता है तो उसे अपनी बुकिंग नहीं मिलती। तुलसी वहां पहुंचकर उसे ‘शांति निकेतन’ ले जाती है और बताती है कि करण ने झूठ बोला था। घर में मेहंदी की रस्म चल रही है। तुलसी सुभास को लेकर घर पहुंचती है, जिसे देखकर करण हैरान रह जाता है। सुभास करण से झूठ का कारण पूछता है। करण और उसके बच्चे अब फंक्शन में शामिल होने के लिए मजबूर हो गए हैं। तुलसी का प्लान कामयाब हो गया है।

चलते चलते अंत में बताते चले कि, दर्शकों के लिए आगामी एपिसोड कई बड़े सवाल छोड़ गया है। क्या करण अपने झूठ की सच्चाई परिवार के सामने स्वीकार करेगा? क्या सुभास की मौजूदगी परिवार के रिश्तों में आई दूरियों को कम करेगी? और सबसे बड़ा सवाल यह कि मेहंदी समारोह शांति से संपन्न होगा या फिर किसी नए विवाद की शुरुआत करेगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले एपिसोड में सामने आएंगे, जिससे शो की कहानी और भी दिलचस्प होती नजर आ रही है।

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