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भारतीय टेलीविजन की दुनिया में सास-बहू ड्रामा और फैमिली एंटरटेनमेंट का अपना खास इतिहास रहा है। एक समय था जब हर घर में प्राइम टाइम पर केवल एकता कपूर के शोज की ही चर्चा होती थी। स्टार प्लस का मशहूर शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने 2000 के दशक की शुरुआत में दर्शकों के दिलों पर राज किया था। अब करीब दो दशकों बाद इसका सीक्वल ‘क्योंकि 2’ एक बार फिर से दर्शकों के सामने आया है। लेकिन शुरुआती हफ्तों की TRP रिपोर्ट्स ने चौंकाने वाला नतीजा दिया है।

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से पहले भी कई ऐसे पुराने शोज थे, जिन्हें नए रंग और मसाले के साथ पेश किया गया था।लेकिन वो पुराने सीजन का जादू नहीं लौटा हैं … TRP देखकर लग रहा है कि शो दूसरे हफ्ते अपना जादू चलाने में नाकामयाब रहा. ‘क्योंकि 2’ से पहले भी कई ऐसे पुराने शोज थे, जिन्हें नए रंग और मसाले के साथ पेश किया गया था। एकता कपूर सास-बहू ड्रामा शोज की क्वीन हैं।2018 में उन्होंने अनुराग और प्रेरणा की कहानी को छोटे पर्दे पर दोबारा वापस लाने का फैसला किया।

पुराने शोज की वापसी का नया ट्रेंड

टीवी इंडस्ट्री में पिछले कुछ सालों से एक ट्रेंड देखने को मिला है—पुराने पॉपुलर शोज को नए सीजन या रीबूट के तौर पर पेश करना। मेकर्स मानते हैं कि इन शोज की पहले से एक फैन बेस तैयार होती है और nostalgia factor दर्शकों को खींचकर लाएगा। यही वजह है कि कसौटी ज़िंदगी की 2, कहानी घर-घर की के रीयूनियन एपिसोड और कई अन्य रीमेक्स छोटे पर्दे पर पेश किए गए।

जब यह घोषणा हुई कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का दूसरा सीजन आएगा, तो स्वाभाविक रूप से दर्शकों में उत्साह बढ़ गया। यह शो अपने समय का एक cultural phenomenon था। तुलसी, मिहिर और बा जैसे किरदार घर-घर में पहचाने जाते थे। यही कारण है कि ‘क्योंकि 2’ पर उम्मीदें और भी बढ़ गईं।

बता दें कि, टीवी इंडस्ट्री में यह बड़ी चुनौती बन चुकी है कि नॉस्टैल्जिया पर दांव लगाया जाए या नई पीढ़ी के हिसाब से कंटेंट तैयार किया जाए। क्योंकि 2 जैसी सीरियल्स पुराने दर्शकों को यादों की गलियों में जरूर ले जाती हैं, लेकिन जेन-ज़ी और मिलेनियल ऑडियंस जो ओटीटी कंटेंट की आदी हो चुकी है, उनके लिए यह फॉर्मेट पुराना लगता है।

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