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गुजरात। गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर शिवालिक पहुंच गया है। यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलकर आया है और खाड़ी देश से लगभग 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर लाया है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण क्षेत्र में जहाज फंसे हुए थे, लेकिन भारत सरकार के कूटनीतिक प्रयासों से दो एलपीजी जहाजों को निकलने की अनुमति मिली। शिवालिक के पहुंचने से देश में चल रहे एलपीजी संकट को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शिवालिक के अलावा दूसरा एलपीजी जहाज नंदा देवी भी होर्मुज पार कर चुका है और 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है। दोनों जहाज मिलाकर करीब 92,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं। सरकार ने फारस की खाड़ी में मौजूद 22 भारतीय ध्वज वाले जहाजों और 611 नाविकों की सुरक्षा पर नजर रखी हुई है। समन्वय के जरिए समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू रखने के प्रयास जारी हैं।

देश में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस सीमित कर दी गई है और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिलने वाली एलपीजी की मात्रा कम की गई है। भारत अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसमें पहले 85-90 प्रतिशत पश्चिम एशियाई देशों से आता था। संघर्ष के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन इन जहाजों के आगमन से स्थिति सुधारने की संभावना है।

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