मुंबई। महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों में हुए स्थानीय चुनावों के रुझान 16 जनवरी 2026 को स्पष्ट रूप से भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति गठबंधन की बड़ी जीत की ओर इशारा कर रहे हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में महायुति 118 सीटों पर आगे चल रही है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ऊपर है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता ने विकास को वोट दिया है। उन्होंने महायुति की जीत को “विकास के ब्रांड” की सफलता बताया और इमोशनल मुद्दों (जैसे मराठी मानुष, क्षेत्रीय अस्मिता) को नकारने पर जोर दिया। शिंदे ने कहा कि उनकी टीम ने तीन साल पहले विकास के काम शुरू किए थे, जैसे पॉटहोल-फ्री मुंबई, बेहतर जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं। अब फडणवीस के नेतृत्व में यह काम और तेज होगा।
यह भी जानकारी देते चले कि, बीएमसी भारत की सबसे धनी नागरिक संस्था है, जिसका वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। यहां मेयर का पद बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर की सड़कों, पानी आपूर्ति, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और मेट्रो जैसी परियोजनाओं को नियंत्रित करता है। 28 साल बाद शिवसेना का यह दबदबा टूटना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव है। भाजपा नेता रामदास आठवले ने कहा कि मेयर मराठी भाषी होगा और महायुति से ही बनेगा।
कुल मिला कर यह चुनाव महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगा। महायुति की जीत राज्य सरकार की ताकत बढ़ाएगी और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत संकेत देगी। ठाकरे गठबंधन की हार शिवसेना के विभाजन के बाद उनकी कमजोरी को उजागर करती है। बीएमसी में भाजपा का पहला मेयर बनना ऐतिहासिक होगा। गिनती जारी है और शाम तक पूर्ण नतीजे आने की उम्मीद है। यह बदलाव मुंबई की बुनियादी सुविधाओं और शहरी विकास पर लंबे समय तक असर डालेगा।
