नई दिल्ली। मकर संक्रांति 2026 14 जनवरी (बुधवार) को मनाई जाएगी, जब सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगा। यह त्योहार सूर्य की उपासना, उत्तरायण की शुरुआत और फसल उत्सव के रूप में महत्वपूर्ण है।इस बार मकर संक्रांति के आसपास एक दुर्लभ चतुर्ग्रही राजयोग बन रहा है, जिसमें सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र एक साथ मकर राशि में गोचर करेंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार:
इससे 17 जनवरी से लगभग 5 फरवरी तक (ग्रहों के गोचर के आधार पर) चतुर्ग्रही योग सक्रिय रहेगा। ज्योतिष में इसे बेहद प्रभावशाली और दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि यह बुधादित्य राजयोग, रुचक योग, लक्ष्मी नारायण योग जैसे अन्य शुभ योग भी बनाता है। यह योग करियर, धन, मान-सम्मान और सफलता में उछाल ला सकता है, हालांकि प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है।यह योग मेष राशि वालों के लिए विशेष रूप से शुभ है। करियर में बड़ा ब्रेक, प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या मनचाही पोस्टिंग के योग बन सकते हैं। व्यापार या नौकरी में तरक्की और आत्मविश्वास बढ़ेगा
कुछ अन्य राशियों पर भी सकारात्मक प्रभाव:
- कन्या: भाग्य मजबूत होगा, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं या कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है।
- धनु: आय और कामकाज में लाभ, पारिवारिक सुख।
- मकर (केंद्र होने से): आर्थिक मजबूती, आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि।
- कुछ स्रोतों में वृषभ, वृश्चिक आदि को भी लाभ बताया गया है, जैसे धन लाभ या संबंधों में सुधार।
ध्यान दें कि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां सामान्य होती हैं और व्यक्तिगत कुंडली, दशा-महादशा के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। यह योग शुभ माना जा रहा है, लेकिन किसी भी बड़े निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें।मकर संक्रांति पर सूर्य को अर्घ्य दें, खिचड़ी/तिल का दान करें और सूर्य मंत्र जपें – यह योग का लाभ बढ़ा सकता है। शुभकामनाएं!
