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नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार को करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड में 24 प्रतिशत की तेजी के साथ 112 डॉलर से ज्यादा दर्ज की गई। मुर्बन क्रूड की कीमत लगभग 18 प्रतिशत उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। प्राकृतिक गैस की कीमत में भी करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत 106.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची, जो पिछले शुक्रवार के 90.90 डॉलर से काफी अधिक है।

कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध है, जिसमें तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया और प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने आपूर्ति रोकने की घोषणा की। कुवैत और कतर से तेल एवं गैस की आपूर्ति में रुकावट की धमकियां आई हैं। ईरान, जो बड़े तेल भंडार वाला देश है, अमेरिका-इजरायल हमलों से प्रभावित होकर अपनी गतिविधियां रोक चुका है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से वैश्विक तेल यातायात का 20 प्रतिशत गुजरता है, ईरान की कार्रवाइयों के कारण प्रतिबंधित हो गया है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

पाकिस्तान में इस संकट का सीधा असर दिखाई दे रहा है, जहां पेट्रोल की कीमत 336 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 321 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। बांग्लादेश में सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर राशनिंग लागू कर दी है, जिसमें सीमित मात्रा में ही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। मध्य पूर्व तनाव से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इन देशों में हाहाकार मचा हुआ है।

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