नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ऊर्जा आपूर्ति पर चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पीएम मोदी ने संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया कि मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद भारत में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सभी अहम मंत्रालयों को किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल ईंधन और गैस को लेकर भारत में कोई कमी नहीं है। देश में एलपीजी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मंत्रालयों को तत्काल निर्देश दिए कि तेल कंपनियां मिडिल ईस्ट से एलएनजी शिपमेंट में व्यवधान के बाद एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए 25 दिनों की बुकिंग अवधि लागू की गई है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।
सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026 अधिसूचित किया है, जिसमें घरेलू गैस आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एक समिति का गठन किया गया है जो गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता देगी तथा रेस्तरां और होटलों की आपूर्ति की समीक्षा करेगी। पीएम मोदी ने जोर दिया कि संकट का असर आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए।
